जालंधर के मकसूदां थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री में काम करने वाली महिला की दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. गांव नूरपुर स्थित फैक्ट्री में वीरवार दोपहर करीब 12 बजे महिला का दुपट्टा मशीन में फंस गया. इसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. मृतका की पहचान 54 वर्षीय अर्चना कुमारी के रूप में हुई है.
घटना के बाद फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई. कर्मचारियों ने तुरंत मशीन बंद की और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद थाना मकसूदां की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की.
फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक, अर्चना कुमारी मशीन पर काम कर रही थीं. इसी दौरान उनका दुपट्टा मशीन की चपेट में आ गया. दुपट्टे के साथ वह भी मशीन की ओर खिंच गईं. कर्मचारियों ने घटना के तुरंत बाद मशीन बंद कर दी, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी. पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया. थाना मकसूदां के एएसआई भूपिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं और हादसे से जुड़े परिस्थितियों की जांच की जा रही है.
मृतका के पति दुर्गानंद दास ने बताया कि उनकी पत्नी महिंद्रा इंटरप्राइज में काम करती थीं. परिवार में उनके तीन बच्चे हैं. एक बेटी की शादी दिल्ली में हुई है, जबकि दो बेटे हैं. पति के मुताबिक, परिवार पर कर्ज था और इसी वजह से अर्चना को करीब तीन महीने पहले फैक्ट्री में काम पर लगाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में उनकी पत्नी समेत अन्य कर्मचारी पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के बिना काम कर रहे थे. परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं. पति का आरोप है कि घटना के बाद फैक्ट्री की ओर से समझौते की कोशिश भी की गई.
दुर्गानंद दास के अनुसार, संबंधित फैक्ट्री में करीब 20 से 25 कर्मचारी काम करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम पर्याप्त नहीं थे. हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और सुरक्षा मानकों में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं, यह पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. पुलिस फिलहाल कर्मचारियों के बयान और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है.
हादसे के बाद अर्चना कुमारी के परिजन फैक्ट्री के बाहर पहुंच गए. परिवार का आरोप है कि पुलिस कई घंटे तक फैक्ट्री के अंदर रही, जबकि मृतका के पति और अन्य परिजन बाहर बैठे रहे. बताया गया कि करीब चार घंटे तक परिजन फैक्ट्री के बाहर इंतजार करते रहे. इस दौरान वे अपनी पत्नी और मां की मौत से बेहद दुखी नजर आए. बाद में कुछ लोगों की ओर से फैक्ट्री के बाहर हंगामा किए जाने के बाद परिजनों को अंदर जाने दिया गया.