पंजाब में मान सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला लेकर कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक नई इबारत लिखी है. अब तक जो संविदा कर्मचारी बिचौलियों के जरिए काम करते थे, वे सीधे सरकार से जुड़ेंगे. इस निर्णय से लाखों कर्मचारियों को न केवल रोजगार की सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनके अधिकारों की भी पूरी तरह रक्षा होगी.
दशकों से पंजाब में सरकारी विभागों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्त होते थे. इस व्यवस्था में कर्मचारियों को न उचित वेतन मिलता था, न नौकरी की स्थायित्व की गारंटी. ठेकेदार बीच में मुनाफा काटते थे और कर्मचारी शोषण का शिकार होते रहते थे. पारदर्शी प्रबंधन के अभाव में यह व्यवस्था भ्रष्टाचार की जड़ बन चुकी थी.
ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਭਲਾਈ ਅਤੇ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦਿਆਂ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਠੇਕੇਦਾਰੀ ਪ੍ਰਥਾ ਖ਼ਤਮ ਕਰਨ ਦਾ ਇਤਿਹਾਸਕ ਫ਼ੈਸਲਾ ਕੀਤਾ ਹੈ. ਹੁਣ ਕੰਟਰੈਕਟ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਸਿੱਧੇ ਸਰਕਾਰ ਨਾਲ ਜੁੜਨਗੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ਦੀ ਬਿਹਤਰ ਸੁਰੱਖਿਆ ਯਕੀਨੀ ਬਣੇਗੀ. pic.twitter.com/jj7K1RlI6x
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) June 10, 2026Also Read
संविदा कर्मचारी अब सीधे सरकारी विभागों से जुड़ेंगे, बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त होगी.
सभी पात्र कर्मचारियों को नियमित वेतनमान और सरकारी सुविधाएं मिलेंगी.
स्वास्थ्य बीमा, भविष्य निधि और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे.
पारदर्शी प्रबंधन के लिए डिजिटल पोर्टल के जरिए सेवा रिकॉर्ड रखा जाएगा.
किसी भी शिकायत के समाधान के लिए सीधी शिकायत व्यवस्था बनाई जाएगी.
इस निर्णय से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारी अधिकारों की रक्षा अब कागजों पर नहीं, जमीन पर होगी. पहले ठेकेदार मनमाने तरीके से कर्मचारियों को हटा देते थे. अब सरकारी नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी को बिना उचित कारण और प्रक्रिया के नहीं हटाया जा सकेगा. रोजगार सुरक्षा का यह भरोसा लाखों परिवारों के जीवन में स्थिरता लाएगा.
मान सरकार का यह कदम केवल कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि पूरी सरकारी व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में है. जब ठेकेदार नहीं होंगे, तो सरकारी धन सीधे कर्मचारियों तक पहुँचेगा. इससे सरकारी खजाने पर बोझ भी कम होगा और काम की गुणवत्ता में सुधार आएगा. श्रमिक कल्याण की यह नीति पंजाब को देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बनाएगी.