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India Daily

18 साल की अनाहत सिंह ने जीता world junior squash championships 2026 का खिताब, ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनीं; पीएम मोदी ने दी बधाई

भारत की 18 साल की अनाहत सिंह ने world junior squash championships 2026 जीतकर इतिहास रच दिया. वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी. पीएम मोदी ने भी उनकी जमकर तारीफ की.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
18 साल की अनाहत सिंह ने जीता world junior squash championships 2026 का खिताब, ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनीं; पीएम मोदी ने दी बधाई
Courtesy: X

भारतीय स्क्वैश के लिए यह ऐतिहासिक दिन रहा. कनाडा में खेली गई world junior squash championships 2026 में अनाहत सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गर्ल्स सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया. इस जीत के साथ वह जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं.

फाइनल में दिखाया दमदार खेल

18 साल की अनाहत सिंह ने फाइनल मुकाबले में मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 3-0 (11-3, 11-7, 11-9) से हराया. मैच के दौरान अनाहत ने शुरुआत से ही शानदार नियंत्रण बनाए रखा और अपनी तेजी, सटीक शॉट्स और आत्मविश्वास से विरोधी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा. इस जीत के साथ उन्होंने भारत को पहली बार वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब दिलाया. इससे पहले भारत की ओर से सबसे अच्छा प्रदर्शन जोशना चिनप्पा ने 2005 में रनर-अप बनकर किया था. अब अनाहत ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.

पीएम मोदी ने दी बधाई

इस शानदार उपलब्धि पर पीएम मोदी ने भी ट्टीट कर कहा, "2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि. गोल्ड मेडल जीतने और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनने पर अनाहत सिंह पर गर्व है. यह उपलब्धि युवाओं के बीच स्क्वैश को और लोकप्रिय बनाएगी." वहीं P.V. Sindhu ने भी इस यंग सुपरस्टार को बधाई देते हुए कहा, "वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने पर मुझे इस युवा चैंपियन, अनाहत सिंह पर बहुत गर्व है! 🇮🇳🏆अनाहत से जुड़ी मेरी पसंदीदा यादों में से एक 2022 की है, जब मुझे OGQ के जरिए उनसे बात करने का मौका मिला था. उस उम्र में भी, उनकी जो बात सबसे अलग लगी, वह सिर्फ उनका जबरदस्त टैलेंट ही नहीं था, बल्कि उनकी गजब की समझदारी, संयम और स्पष्टता भी थी, जिसके साथ वह पेश आती थीं. इसने मुझ पर गहरी छाप छोड़ी. मैं जानता हूं कि यह तो बस शुरुआत है. यह आने वाली कई बड़ी जीतों में से पहली जीत है."

पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन

अनाहत का पूरा टूर्नामेंट शानदार रहा. उन्होंने छह मुकाबलों में सिर्फ दो गेम गंवाए और शुरुआती तीन मैच बिना कोई गेम हारे जीत लिए. क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मिस्र की हबीबा रिजक को 3-1 से हराया. इसके बाद सेमीफाइनल में बारब सामेह को भी 3-1 से मात दी. फाइनल में एक और मिस्र की खिलाड़ी को हराकर उन्होंने अपना सफर सुनहरे अंदाज में खत्म किया. इस जीत के साथ लड़कियों के जूनियर वर्ल्ड खिताब पर 2011 से चला आ रहा मिस्र का लगातार कब्जा भी टूट गया. पिछले साल अनाहत ने इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर भारत का लंबा इंतजार खत्म किया था.

भारतीय स्क्वैश के लिए नई उम्मीद

इस बार गर्ल्स सिंगल्स में अनाहत भारत की सबसे सफल खिलाड़ी रहीं. दूसरी ओर अनिका दुबे, सान्वी कलंकी और रुद्रा सिंह शुरुआती दौर में बाहर हो गईं. बॉयज वर्ग में आर्यवीर दीवान अंतिम 16 तक पहुंचे और भारत की ओर से सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. युशा नफीस, गुरवीर सिंह और पूरव रामभिया आगे नहीं बढ़ सके. अनाहत की यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब स्क्वैश को लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में शामिल किया जा चुका है.