मोगा: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में 120 बेड वाले अत्याधुनिक कैपिटल अस्पताल का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल मालवा क्षेत्र के लोगों को उनके घर के नजदीक आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा. उन्होंने इसे मोगा जिले का पहला एनएबीएच मान्यता प्राप्त मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बताया और कहा कि इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि अस्पताल में पात्र मरीज मुख्यमंत्री सेहत योजना और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्यभर में 1090 आम आदमी क्लीनिकों के जरिए भी लोगों तक किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है. सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल लोगों को उच्च स्तर का इलाज उपलब्ध कराएगा.
ਅੱਜ ਮੋਗਾ ਵਿਖੇ 120 ਬੈੱਡਾਂ ਵਾਲੇ ਆਧੁਨਿਕ 'ਕੈਪੀਟੌਲ ਹਸਪਤਾਲ' ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ਕਰਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਕੀਤਾ.. ਅਤਿ-ਆਧੁਨਿਕ ਸਹੂਲਤਾਂ ਨਾਲ ਲੈਸ ਇਸ ਹਸਪਤਾਲ 'ਚ 'ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸਿਹਤ ਬੀਮਾ ਯੋਜਨਾ' ਤਹਿਤ ਮੁਫ਼ਤ ਇਲਾਜ ਵੀ ਮਿਲੇਗਾ.. ਹੁਣ ਮਾਲਵਾ ਖੇਤਰ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਇਲਾਜ ਲਈ ਦੂਰ ਵੱਡੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ 'ਚ ਨਹੀਂ ਜਾਣਾ ਪਵੇਗਾ... ਪੰਜਾਬੀਆਂ… pic.twitter.com/OjDWnufloi
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) July 25, 2026
सभा को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक रैली का हिस्सा नहीं, बल्कि पंजाब में विकास कार्यों को गति देने के प्रयासों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हैं और दोनों ही राज्य के समग्र विकास की मजबूत नींव हैं. उन्होंने डॉक्टरों को समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में पंजाब स्कूली शिक्षा के मामले में देश में 27वें स्थान पर था, लेकिन सुधारों के बाद अब राज्य शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है. उन्होंने बताया कि स्कूल्स ऑफ एमिनेंस की शुरुआत के बाद सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 में सरकारी स्कूलों के केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 881 हो गई है.
भगवंत मान ने सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है.