चंडीगढ़: पंजाब के फिरोजपुर जिले में एक हत्या मामले की जांच के दौरान उस समय नाटकीय घटनाक्रम सामने आया, जब पुलिस हिरासत में मौजूद मुख्य आरोपी ने हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस टीम पर ही गोली चला दी. आरोपी को हाल ही में हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस हथियार बरामद करने पहुंची थी. हालांकि मौके पर आरोपी ने भागने और पुलिस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे काबू कर लिया गया.
यह पूरा घटनाक्रम मक्खू कस्बे में हुए करियाना व्यापारी काला गाबा हत्याकांड से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी विष्णु ठाकुर और उसके सहयोगी राहुल महावर की तलाश की जा रही थी. जांच के दौरान दोनों के खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग मिले थे और विशेष टीमों का गठन कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार कर पंजाब लाया गया. पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि वारदात से पहले इलाके की रेकी की गई थी. साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियारों को राजस्थान सीमा के निकट नहर क्षेत्र में छिपाकर रखा गया था. इसी सूचना के आधार पर पुलिस बरामदगी के लिए आरोपी को मौके पर लेकर गई.
हथियार बरामद करने की प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने अचानक पुलिस को चकमा देकर छिपाए गए हथियार तक पहुंच बनाई और टीम पर फायरिंग कर दी. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत सतर्कता दिखाई. एक एएसआई ने पेड़ की आड़ लेकर खुद को सुरक्षित किया. अधिकारियों के अनुसार चेतावनी देने के बावजूद आरोपी ने दोबारा गोली चलाने की कोशिश की.
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए थाना मक्खू के एसएचओ गुरमीत सिंह ने जवाबी कार्रवाई की. इस दौरान चली गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और भागने में असफल रहा. पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लिया और उपचार के लिए सिविल अस्पताल जीरा पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भूपिंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजस्थान में भी वांटेड है और उस पर इनाम घोषित है. अब तक दो हथियार बरामद किए जा चुके हैं. पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड और उससे जुड़े नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं.