पंजाब में आम आदमी पार्टी ने शनिवार को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित कर केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर सवाल उठाए. पार्टी नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए इसे छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया. प्रदर्शन के दौरान परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग प्रमुख रही.
आम आदमी पार्टी ने पंजाब के सभी जिलों में ‘थाली बजाओ, तानाशाह भगाओ’ अभियान के तहत प्रदर्शन किए. इन कार्यक्रमों में पार्टी के मंत्री, सांसद, विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने स्टील की थालियां बजाकर छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाई और केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई. पार्टी का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य पर गंभीर असर डाला है.
पार्टी नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की बड़ी उपलब्धि बताया. पंजाब के वित्त मंत्री और वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह फैसला युवाओं की एकजुट आवाज की ताकत को दर्शाता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होंगे, परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. उनके अनुसार केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव जरूरी है.
आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि यह घटनाक्रम उन छात्रों और युवाओं की जीत है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपना आंदोलन जारी रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा और उन्हें डराने की कोशिश की गई. इसके बावजूद आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा. पार्टी का कहना है कि देशभर में उठी छात्र आवाज ने सरकार पर दबाव बनाया और अंततः उसे निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.
पार्टी ने स्पष्ट किया कि केवल मंत्री के इस्तीफे से समस्या खत्म नहीं होगी. AAP ने केंद्र सरकार से परीक्षा और भर्ती प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की. साथ ही चेतावनी दी कि यदि छात्रों, युवाओं, किसानों और कर्मचारियों की आवाज को अनदेखा किया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा. पार्टी ने भरोसा दिलाया कि वह शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठाती रहेगी.