चंडीगढ़: पंजाब के कपूरथला नगर निगम में मेयर चुनाव ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है. कांग्रेस के पार्षद नरिंदर सिंह मंसू आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य पार्षदों के समर्थन से मेयर चुने गए. चुनाव नतीजे सामने आते ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक राणा गुरजीत सिंह ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम को चुनौती देने का ऐलान किया है. इससे नगर निगम की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है.
बुधवार को हुए मेयर चुनाव में कांग्रेस पार्षद नरिंदर सिंह मंसू को आम आदमी पार्टी का समर्थन मिला और वह मेयर चुने गए. इसी चुनाव में आम आदमी पार्टी के पार्षद समीर शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर बनाया गया. इस परिणाम ने स्थानीय राजनीति में अचानक बड़ा बदलाव ला दिया.
नगर निगम चुनाव में 50 में से 32 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. इसके बावजूद मेयर चुनाव से पहले पार्षदों के समर्थन और संभावित राजनीतिक जोड़-तोड़ को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं. चुनाव के नतीजों ने इन अटकलों को और तेज कर दिया.
चुनाव परिणाम के बाद विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पूरी प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई. उनका कहना है कि उनके पक्ष में 26 पार्षदों के साथ उनका अपना एक वोट मिलाकर कुल 27 वोट थे. इसके बावजूद दूसरी तरफ केवल 24 पार्षद होने के बाद भी मेयर चुने जाने का दावा किया गया, जो उनके अनुसार सवाल खड़े करता है.
राणा गुरजीत सिंह ने अपने समर्थक पार्षदों को मीडिया के सामने पेश कर संख्याबल दिखाया. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह संदिग्ध है और इस मामले को लेकर जल्द ही हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी. उनका कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए पूरे मामले की जांच कराई जाएगी.
नवनिर्वाचित मेयर नरिंदर सिंह मंसू ने आम आदमी पार्टी और अन्य सहयोगी पार्षदों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान कपूरथला शहर के विकास पर रहेगा. नगर निगम में लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा.