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'सतलुज' विवाद की परेशानियों भरी रिलीज के बाद गीतिका विद्या का इमोशनल नोट, बोलीं- उम्मीदें अधूरी भी और पूरी भी

'सतलुज' को सेंसरशिप की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन भारत में सिर्फ दो दिन में इसे हटा दिया गया. फिल्म की कहानी और संवेदनशील विषय को लेकर काफी चर्चा हो रही है.

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Edited By: Antima Pal
'सतलुज' विवाद की परेशानियों भरी रिलीज के बाद गीतिका विद्या का इमोशनल नोट, बोलीं- उम्मीदें अधूरी भी और पूरी भी
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Satluj Row: अभिनेत्री गीतिका विद्या ने फिल्म 'सतलुज' की मुश्किल रिलीज के बाद इंस्टाग्राम पर एक भावुक नोट शेयर किया है. फिल्म, जो जसवंत सिंह खालरा की सच्ची कहानी पर आधारित है, सालों की देरी और सेंसरशिप की लड़ाई के बाद आखिरकार कुछ दर्शकों तक पहुंची. लेकिन भारत में रिलीज के महज दो दिन बाद इसे ZEE5 से हटा लिया गया.

गीतिका विद्या का इमोशनल नोट

गीतिका, जो दिलजीत दोसांझ की फिल्म में जसवंत सिंह खालरा की पत्नी परमजीत कौर खालरा का रोल निभा रही हैं, ने लिखा- 'चार साल तक हम इस फिल्म को चुपचाप अपने दिल में लिए घूम रहे थे. आज वो उम्मीद पूरी भी लग रही है और अधूरी भी. सतलुज कुछ जगहों पर अपनी आवाज पहुंचा रहा है तो कहीं चुप करा दिया जा रहा है.'

गीतिका ने आगे लिखा- 'बीबी परमजीत के किरदार में उतरना और दिलजीत दोसांझ के साथ खड़े होकर जसवंत सिंह खालरा जी और उनकी परिवार की उस कहानी को बताना मेरे लिए सम्मान की बात थी, जिसकी मोहब्बत शब्दों से परे है.' उन्होंने डायरेक्टर हनी त्रेहन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा की तरह सही फैसला लिया. पोस्ट में उन्होंने #Nirbhau #Nirvair और जसवंत सिंह खालरा जी का नारा #ChallengeTheDarkness भी लिखा.

पोस्ट के साथ गीतिका ने शूटिंग का एक खूबसूरत बीटीएस फोटो भी शेयर किया है, जिसमें वे अपने किरदार में दिलजीत दोसांझ और दो बच्चों के साथ नजर आ रही हैं. फिल्म में डीजीपी बिट्टा का रोल निभाने वाले वेटरन एक्टर कंवलजीत सिंह ने भी खुशी जाहिर की. उन्होंने बताया कि नसीरुद्दीन शाह और शशि रंजन जैसे दिग्गजों ने उनके काम की तारीफ की. कंवलजीत सिंह ने कहा- 'नसीरुद्दीन शाह का फोन आया तो मैं हैरान रह गया. वे पंजाबी में बात कर रहे थे. वे अभिनय के भगवान हैं, इसलिए उनकी तारीफ का बहुत मतलब है.'

'सतलुज' को सेंसरशिप की लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन भारत में सिर्फ दो दिन में इसे हटा दिया गया. फिल्म की कहानी और संवेदनशील विषय को लेकर काफी चर्चा हो रही है.

गीतिका विद्या का यह पोस्ट फिल्म की टीम के संघर्ष और समर्पण को दिखाता है. चार साल की मेहनत के बाद भी फिल्म का सफर अभी अधूरा सा लग रहा है. दिलजीत दोसांझ, हनी त्रेहन और पूरी टीम की मेहनत को दर्शक सराह रहे हैं, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि ऐसी फिल्मों को बिना रुकावट क्यों नहीं दिखाया जा सकता.