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पंजाब सरकार के विरोध के बीच जस्टिस मिश्रा ने ली शपथ, हाई कोर्ट को मिला नया चीफ जस्टिस

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने चंडीगढ़ में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली. नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार के विरोध के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान समारोह में शामिल नहीं हुए.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पंजाब सरकार के विरोध के बीच जस्टिस मिश्रा ने ली शपथ, हाई कोर्ट को मिला नया चीफ जस्टिस
Courtesy: social media

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट को सोमवार को नया स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया. चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने पद की शपथ ली. हालांकि, उनकी नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार और केंद्र के बीच विवाद के चलते समारोह राजनीतिक चर्चा का केंद्र भी बना रहा और मुख्यमंत्री भगवंत मान इससे दूर रहे.

जस्टिस मिश्रा ने संभाली मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने लोक भवन में जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई. जस्टिस मिश्रा इससे पहले 2 जून से पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे. समारोह में हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, शिरोमणि अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया और पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे.

नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार ने जताई आपत्ति

जस्टिस मिश्रा की स्थायी मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की घोषणा केंद्र सरकार ने शनिवार को की थी. इससे करीब एक महीने पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की पदोन्नति की सिफारिश की थी. हालांकि पंजाब सरकार ने इस फैसले पर सवाल उठाए. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को अलग-अलग पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई. इसके बाद आम आदमी पार्टी सरकार ने रविवार को कैबिनेट की आपात बैठक भी बुलाई.

कैबिनेट ने शपथ रोकने की मांग की

पंजाब सरकार की ओर से कहा गया कि जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति में राज्य सरकार की राय का इंतजार नहीं किया गया. कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र से आग्रह किया कि जब तक पंजाब की चिंताओं पर उचित विचार नहीं हो जाता, तब तक नियुक्ति और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए. सरकार ने आरोप लगाया कि संवैधानिक प्रक्रिया और राज्य के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है. कैबिनेट ने इसे केंद्र की ओर से राज्य के संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी का एक और मामला बताया.

केंद्र ने विवाद को बताया अनावश्यक

पंजाब सरकार के विरोध के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए. दूसरी ओर, भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने नियुक्ति को लेकर उठाए गए विवाद को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनावश्यक बताया. उनका कहना था कि पंजाब सरकार के पास अपनी राय केंद्र के सामने रखने के लिए पर्याप्त समय था. इस पूरे घटनाक्रम ने जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति को महज न्यायिक नियुक्ति के बजाय केंद्र और पंजाब सरकार के बीच संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर जारी टकराव का मुद्दा भी बना दिया है.