चंडीगढ़: पंजाब के जालंधर में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. भार्गव कैंप इलाके में जांच के लिए पहुंची आबकारी विभाग की टीम पर अचानक गोलियां चला दी गईं. अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और अधिकारी अपनी जान बचाकर मौके से निकलने को मजबूर हो गए. घटना के बाद पुलिस ने इलाके को घेर लिया और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है.
आबकारी विभाग को सूचना मिली थी कि भार्गव कैंप क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई की जा रही है. इसी सूचना के आधार पर अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचे थे. टीम अभी इलाके में छानबीन कर ही रही थी कि अचानक कुछ लोगों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. इससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए.
लगातार चली गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घबरा गए. कई दुकानदारों ने तुरंत अपने शटर बंद कर दिए, जबकि स्थानीय लोग घरों के अंदर चले गए. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी अधिकारी या आम नागरिक के घायल होने की सूचना नहीं मिली. हालांकि घटना ने पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा कर दिया.
स्थानीय स्तर पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि फायरिंग करने वाला युवक 'डीसी' के नाम से जाना जाता है और उसे एक प्रमुख राजनीतिक दल का संरक्षण प्राप्त है. हालांकि पुलिस ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के खोल बरामद किए और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. मामले में सभी कानूनी पहलुओं की जांच भी जारी है.
पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं आबकारी विभाग भी अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखने की बात कह रहा है. अब पूरे मामले की आगे की दिशा पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर निर्भर करेगी.