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India Daily

अरमानों पर फिरा पानी! अटारी वाघा बार्डर बंद होने पर वापस लौटी दूल्हे की बारात, पाकिस्तानी दुल्हन का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही भारत सरकार ने सीमाएं बंद कर दी है. अब इस वजह से राजस्थान के शैतान सिंह के अरमानों पर पानी फिर गया है. वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत की एक महिला से शादी करने जा रहा था, लेकिन सीमाएं बंद होने के कारण वह और उसकी बारात फंस गई.

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Edited By: Antima Pal
अरमानों पर फिरा पानी! अटारी वाघा बार्डर बंद होने पर वापस लौटी दूल्हे की बारात, पाकिस्तानी दुल्हन का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
Courtesy: Social Media

Indian Groom Baraat Stuck: राजस्थान के बाड़मेर जिले के इंद्रोई गांव के निवासी शैतान सिंह चार साल से अपनी शादी के दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. पाकिस्तान के सिंध प्रांत की केसर कंवर से सगाई करने वाले इस जोड़े ने आखिरकार 30 अप्रैल को पाकिस्तान के अमरकोट शहर में शादी करने की योजना बनाई थी. लेकिन समारोह से कुछ दिन पहले भू-राजनीतिक तनाव ने उनकी लंबे समय से अपनी योजनाओं को रोक दिया.

अरमानों पर फिरा पानी!

शैतान सिंह और उनके परिवार को कई सालों की लगातार कोशिशों के बाद 18 फरवरी को वीजा मिल गया था. अपनी शादी की पोशाक तैयार होने और परिवार की उम्मीदों के साथ, दूल्हा अपने पिता, भाई और बारात के साथ मंगलवार को अटारी सीमा के लिए रवाना हुआ. हालांकि जब तक वे पहुंचे, खबर आई कि भारत सरकार ने अटारी-वाघा सीमा को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है.

अटारी वाघा बार्डर बंद होने पर वापस लौटी दूल्हे की बारात

यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए दुखद आतंकी हमले के मद्देनजर उठाया गया, जिसमें कई पर्यटकों सहित 26 लोगों की जान चली गई थी. जवाब में भारत ने पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम कर दिया और कई उपायों को लागू किया, जिसमें पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को निलंबित करना और सिंधु जल संधि को रोकना शामिल है. इन कदमों में अटारी के महत्वपूर्ण भूमि-पारगमन बिंदु को बंद करना भी शामिल था.

'हमने इस दिन का लंबे समय से इंतजार किया'

शैतान सिंह ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि 'हमने इस दिन का लंबे समय से इंतजार किया है. उनके चचेरे भाई सुरेंद्र सिंह ने परिवार की निराशा को दोहराया और कहा कि पाकिस्तान से हमारे रिश्तेदार जो यहां आए थे, उन्हें वापस लौटना पड़ा. हम बहुत निराश हैं. आतंकवादी हमलों से बहुत नुकसान होता है. न केवल राजनीतिक रूप से, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी'

12 मई तक वैध है वीजा

पाकिस्तान में पारिवारिक संबंधों वाले कई भारतीयों में से एक हैं. उनका वीजा 12 मई तक वैध है, जिससे उम्मीद की एक हल्की किरण जगी है कि अगर सीमा जल्द ही फिर से खुलती है तो शादी अभी भी हो सकती है. शैतान सिंह ने कहा 'आतंकवादियों ने जो कुछ भी किया वह गलत था. शादी में बाधा आ गई है. हम क्या कर सकते हैं? अब यह सीमाओं का मामला है. फिलहाल दोनों परिवार उम्मीद में इंतजार कर रहे हैं .