चंडीगढ़: पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी सरगर्मी उसी से बढ़ती जा रही है. सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सत्ता में वापसी के लिए हर वर्ग तक अपनी पहुंच मजबूत करने में जुटी है. इसी कड़ी में पार्टी की नजर अब व्यापारी वर्ग पर टिकी है, वह तबका जो हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है लेकिन अक्सर सरकारों की प्राथमिकता सूची में सबसे पीछे रह जाता है.
पंजाब सरकार में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि मान सरकार ने राज्य में ट्रेड कमीशन की स्थापना की है. यह कमीशन महज एक दफ्तरी संस्था नहीं है, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार किया गया है. ब्लॉक, विधानसभा क्षेत्र और जिला, तीनों स्तरों पर अलग-अलग इकाइयां बनाई गई हैं ताकि व्यापारी को अपनी समस्या के लिए लंबा सफर न तय करना पड़े और उसकी बात सही जगह, सही वक्त पर पहुंचे.
चीमा ने जोर देकर कहा कि इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है. चाहे किसी छोटे दुकानदार का लाइसेंस अटका हो, टैक्स से जुड़ी उलझन हो या किसी सरकारी दफ्तर में काम न हो रहा हो, ट्रेड कमीशन की यूनिट उसे सुनने और सुलझाने के लिए मौजूद है. यह उस पुरानी व्यवस्था से बिल्कुल अलग तस्वीर है जहां व्यापारी महीनों दफ्तरों के चक्कर काटता रहता था और उसकी फ़रियाद फाइलों में दबकर रह जाती थी.
मंत्री चीमा ने स्पष्ट किया कि व्यापारी वर्ग की तरक्की, खुशहाली और बेहतरी के लिए मान सरकार की प्रतिबद्धता किसी चुनावी मौसम तक सीमित नहीं है. उनका कहना था कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा क्योंकि पंजाब की आर्थिक तरक्की तभी संभव है जब यहां का व्यापार फले-फूले और कारोबारी माहौल भरोसेमंद बने. यह बयान उस समय आया है जब विपक्ष AAP सरकार पर सिर्फ चुनावी घोषणाएं करने का आरोप लगा रहा है.