चंडीगढ़: पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां अब खुलकर सामने आने लगी हैं. आम आदमी पार्टी सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतर चुकी है. इसी कड़ी में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विपक्ष पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला. नशा, गैंगस्टर, व्यापार और जनता का भरोसा, हर मुद्दे पर उन्होंने विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया.
केजरीवाल ने भाजपा को 'ED पार्टी' और अकाली दल को 'चिट्टा पार्टी' का तमगा देते हुए कहा कि इन दोनों की गठबंधन सरकार ने पंजाब को नशे की आग में झोंक दिया था. उनका आरोप था कि यह महज लापरवाही नहीं थी, बल्कि इन दलों के मंत्री खुद अपनी गाड़ियों में नशा भरकर घर-घर पहुंचाते थे. केजरीवाल ने दावा किया कि AAP सरकार ने सत्ता में आते ही सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाकर पाकिस्तान से आने वाले नशे की सप्लाई को काफी हद तक रोक दिया. उन्होंने कहा कि अब पंजाब में आने वाला करीब 70 फीसद नशा गुजरात से आ रहा है. उन्होंने कहा कि ED पार्टी के राज में गुजरात आज देश का 'ड्रग्स का गेटवे' बन चुका है.
केजरीवाल ने आर्थिक मोर्चे पर भी AAP सरकार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी किसी भी अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ होते हैं और भगवंत मान की सरकार पंजाब के इतिहास में पहली ऐसी सरकार है जो इन व्यापारियों की छोटी से छोटी समस्या को भी गंभीरता से सुनती और सुलझाती है.
केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब के इतिहास में शायद यह पहला मौका है जब किसी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद भी जनता नाराज़ नहीं, बल्कि संतुष्ट है. उन्होंने कहा कि जहां पहले की सरकारों के नेता गांवों में घुसने से डरते थे, वहीं आज AAP नेताओं का दिल से स्वागत होता है.