menu-icon
India Daily

फरीदकोट में ऑनर किलिंग, छह साल की प्रेम कहानी का खौफनाक अंत, पिता ने बेटी को उतारा मौत के घाट

पंजाब के फरीदकोट जिले में प्रेम विवाह से नाराज परिजनों ने कथित तौर पर युवती की निर्मम हत्या कर दी. पति की आंखों के सामने पिता ने बेटी पर लगातार छह बार चाकू से वार किए. पुलिस ने मामले में युवती के पिता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
फरीदकोट में ऑनर किलिंग, छह साल की प्रेम कहानी का खौफनाक अंत, पिता ने बेटी को उतारा मौत के घाट
Courtesy: Pinterest

पंजाब के फरीदकोट जिले में कथित ऑनर किलिंग की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. बुर्ज हरिका बरगाड़ी गांव के रहने वाले जगदीप सिंह और महकदीप कौर की छह साल पुरानी प्रेम कहानी का अंत खून से सनी वारदात में हुआ. 

आरोप है कि प्रेम विवाह से नाराज महकदीप के पिता वकील सिंह ने अपनी ही बेटी पर पति की मौजूदगी में लगातार छह बार चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी युवती के शव को सडक किनारे फेंककर फरार हो गए, जबकि जगदीप खेतों में छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहा. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महकदीप के पिता सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले की जांच जारी है.

बचपन की दोस्ती से शुरू हुई थी प्रेम कहानी

जगदीप सिंह और महकदीप कौर एक ही गांव के रहने वाले थे. दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे और साथ ही बड़े हुए. समय के साथ दोनों के बीच दोस्ती प्रेम में बदल गई. करीब छह साल पहले दोनों ने अपने रिश्ते को स्वीकार किया और शादी का फैसला किया. हालांकि, दोनों का एक ही गांव का होना परिवारों को मंजूर नहीं था. कई बार समझाने की कोशिश के बाद भी जब घर वाले नहीं माने तो दोनों ने जून 2026 में घर छोड़ दिया और 4 जून को मलोट स्थित गुरुद्वारा साहिब में विवाह कर लिया.

हाईकोर्ट से मांगी थी सुरक्षा

शादी के बाद दोनों को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ. उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुरक्षा की गुहार लगाई. इसके बाद दोनों परिवारों को थाना बाजाखाना बुलाकर बातचीत कराई गई. उस दौरान महकदीप के पिता ने कहा था कि दोनों गांव वापस नहीं आएंगे तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी. इसके बाद दंपती जगदीप की बहन के पास बठिंडा जिले के भाईरूपा गांव में रहने लगे. कुछ समय बाद महकदीप की मां और भाई ने उससे दोबारा संपर्क करना शुरू किया और मिलने की इच्छा जताई.

जगदीप के अनुसार, 20 जुलाई को उसकी सास और साले ने महकदीप को ढिलवां के गुरुद्वारे में मिलने के लिए बुलाया. पत्नी के आग्रह पर वह उसे लेकर वहां पहुंचा. रास्ते में महकदीप के पिता और अन्य रिश्तेदारों ने उनकी बाइक रोकने की कोशिश की. दोनों वहां से भाग निकले, लेकिन कुछ दूरी पर बाइक खराब हो गई. इसके बाद वे पैदल खेतों की ओर भागे. कंटीले तार पार करते समय महकदीप फंस गई. इसी दौरान उसके पिता और अन्य आरोपी वहां पहुंच गए. जगदीप ने पुलिस को बताया कि उसने पत्नी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने उसे भी धमकाया. उसके सामने ही महकदीप के पिता ने चाकू से लगातार छह वार किए. गंभीर रूप से घायल महकदीप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. अपनी जान का खतरा देखकर जगदीप खेतों में छिप गया और बाद में पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी.