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अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा सुरक्षा प्लान, पठानकोट में पुलिस-सेना की अहम बैठक

अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पठानकोट में पुलिस, सेना, एयरफोर्स और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त बैठक हुई. बैठक में संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने, ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ा सुरक्षा प्लान, पठानकोट में पुलिस-सेना की अहम बैठक
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अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले पंजाब के सीमावर्ती जिले पठानकोट में सुरक्षा तैयारियों को लेकर सोमवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में पुलिस, सेना, एयरफोर्स, खुफिया विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, संवेदनशील इलाकों की निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन हालात से निपटने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है.

सुरक्षा एजेंसियों ने बनाया संयुक्त एक्शन प्लान

बैठक में विशेष डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा देश का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी नहीं रहने दी जाएगी. बैठक में एसएसपी पठानकोट दलजिंद्र सिंह ढिल्लों समेत जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने यात्रा मार्ग, संवेदनशील स्थानों और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की तथा सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई.

संवेदनशील इलाकों पर रहेगी कड़ी नजर

बैठक में निर्णय लिया गया कि सीमावर्ती जिले होने के कारण पठानकोट में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी. संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, प्रमुख नाकों पर चेकिंग बढ़ाने और खुफिया सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान करने पर जोर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां मिलकर हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई करेंगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाएगी.

ड्रोन और आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई. संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से की जाएगी. इसके अलावा यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके. अधिकारियों का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और मजबूत बनेगी.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा रहेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक के अंत में सभी विभागों ने भरोसा दिलाया कि अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल उपलब्ध कराया जाएगा. पुलिस, सेना, एयरफोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाएंगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. यात्रा के दौरान लगातार निगरानी, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई के जरिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.