पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के ोलिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में अभियान की प्रगति पर चर्चा की गई और आगे की रणनीति तय की गई.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा स्थित लेक व्यू गेस्ट हाउस से राज्य के सभी उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की. इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों में नशा विरोधी अभियान की स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों से जमीनी स्तर पर चल रही कार्रवाई की जानकारी ली गई और अभियान को और तेज करने पर जोर दिया गया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी.
ਅੱਜ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਲੇਕ ਵਿਊ ਗੈਸਟ ਹਾਊਸ ਤੋਂ 'ਯੁੱਧ ਨਸ਼ਿਆਂ ਵਿਰੁੱਧ' ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ ਸਮੂਹ ਡੀ.ਸੀ. (DCs) ਅਤੇ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. (SSPs) ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨਾਲ ਵੀਡੀਓ ਕਾਨਫਰੰਸ ਰਾਹੀਂ ਅਹਿਮ ਰਿਵਿਊ ਮੀਟਿੰਗ ਕੀਤੀ...
ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਮੁਕੰਮਲ ਖਾਤਮੇ ਲਈ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਹੋਰ ਸਖ਼ਤੀ ਵਰਤਣ ਦੀਆਂ ਸਖ਼ਤ ਹਦਾਇਤਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ... ਨਸ਼ਾ… pic.twitter.com/8bgFSNtt2x— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) June 29, 2026Also Read
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए. उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों पर लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही कानून लागू करने वाली एजेंसियों को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कहा गया. सरकार का लक्ष्य नशे के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना है.
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और उसे नशे की गिरफ्त से बाहर रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहयोग की अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार, प्रशासन और आम लोग मिलकर प्रयास करेंगे, तभी पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा. उन्होंने राज्य को विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया.