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लुधियाना नगर निगम में बवाल, पार्षद ने SE को जड़ा थप्पड़; दफ्तर में मचा हंगामा

लुधियाना नगर निगम के जोन बी कार्यालय में एक पार्षद और अधिकारी के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया. बहस के दौरान हाथापाई की नौबत आ गई, जिसके बाद मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया.

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लुधियाना नगर निगम में बवाल, पार्षद ने SE को जड़ा थप्पड़; दफ्तर में मचा हंगामा
Courtesy: Social Media

Ludhiana News: लुधियाना नगर निगम के जोन बी कार्यालय में बुधवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब विकास कार्यों को लेकर पहुंचे एक पार्षद और निगम अधिकारी के बीच तीखी बहस हो गई. विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया. घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी भी हैरान रह गए. इस पूरे घटनाक्रम ने नगर निगम की कार्यप्रणाली, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के अनुसार, पार्षद कमल अरोड़ा अपने वार्ड से जुड़े विकास कार्यों की फाइलों को लेकर जोन बी कार्यालय पहुंचे थे. उनका कहना था कि क्षेत्र में सड़कों और अन्य जरूरी कामों से जुड़ी कई फाइलें लंबे समय से लंबित हैं. इसी विषय पर चर्चा के लिए वह संबंधित अधिकारी से मिलने पहुंचे थे.

बहस के बाद बिगड़ा माहौल

कार्यालय में हुई बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ गए. आरोप है कि चर्चा के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद ने उग्र रूप ले लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी. घटना के बाद कार्यालय में मौजूद लोग बीच-बचाव के लिए आगे आए.

समर्थकों ने रखी अपनी बात

पार्षद के करीबी लोगों का कहना है कि वार्ड से संबंधित कई विकास कार्य लंबे समय से रुके हुए थे. उनका आरोप है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद फाइलों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही थी. इसी कारण नाराजगी बढ़ती गई. समर्थकों का दावा है कि विवाद की जड़ लंबित विकास कार्य और संचार की कमी रही.

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई

घटना के बाद शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी. पार्टी नेताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याएं लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं और दोनों पक्षों के बीच बेहतर संवाद होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे विवादों से बचने के लिए आपसी बातचीत और समन्वय जरूरी है.

मामले पर प्रशासन की नजर

नगर निगम प्रशासन ने फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. वहीं राजनीतिक स्तर पर भी दोनों पक्षों को साथ बैठाकर विवाद सुलझाने की बात कही जा रही है. फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है.