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बिक्रम मजीठिया को बड़ी राहत, पुलिस स्टेशन में झड़प के मामले में कोर्ट ने दी जमानत

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को मजीठा थाने में कथित झड़प से जुड़े मामले में अदालत से जमानत मिल गई है. उनके साथ दो अन्य आरोपियों को भी राहत मिली है.

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बिक्रम मजीठिया को बड़ी राहत, पुलिस स्टेशन में झड़प के मामले में कोर्ट ने दी जमानत
Courtesy: Social Media

चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति से जुड़ा एक चर्चित मामला सोमवार को नया मोड़ लेता दिखाई दिया, जब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को जमानत दे दी. यह मामला मजीठा पुलिस थाने में कथित हंगामे और पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है. अदालत के फैसले के साथ ही इस मामले को लेकर चल रही राजनीतिक और कानूनी बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है. मजीठिया के साथ दो अन्य आरोपियों को भी राहत मिली है.

अदालत ने बिक्रम सिंह मजीठिया के अलावा जोध सिंह समरा और जतिंदर पाल सिंह को भी जमानत प्रदान की. तीनों के खिलाफ मजीठा पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले की सुनवाई चल रही थी. फैसले के बाद अकाली दल के समर्थकों ने इसे कानूनी जीत बताया, जबकि मामले की आगे की प्रक्रिया जारी रहने की संभावना बनी हुई है.

वकील का नाम भी आया था सामने

इस मामले में मजीठिया के कानूनी सलाहकार बिक्रमजीत बाथ का नाम भी एफआईआर में शामिल किया गया था. हालांकि बाद में विशेष जांच दल ने अदालत को बताया कि उनकी आगे आवश्यकता नहीं है. जांच के बाद उन्हें बेगुनाह माना गया. इस घटनाक्रम के बाद अमृतसर बार एसोसिएशन ने भी वकीलों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया था.

हिरासत को लेकर शुरू हुआ विवाद

पूरा विवाद अकाली समर्थक जोबनप्रीत सिंह की कथित हिरासत को लेकर शुरू हुआ था. अकाली दल के नेताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी नेताओं और समर्थकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था.

पुलिस और अकाली दल के अलग-अलग दावे

पुलिस का आरोप है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान मजीठिया और उनके समर्थक थाने के परिसर में घुस गए और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास किया. पुलिस ने यह भी दावा किया कि हंगामे के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई. दूसरी ओर अकाली दल ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित कार्रवाई बताया है.

सीसीटीवी फुटेज बना चर्चा का विषय

मामले की सुनवाई के दौरान जोबनप्रीत सिंह के वकील अमनबीर सिंह सयाली ने अदालत में कहा कि पुलिस कथित घटनाक्रम से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं कर सकी. इसी मुद्दे ने सुनवाई के दौरान खास ध्यान खींचा. अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है.