चंडीगढ़: पंजाब के अमृतसर में हुए सनसनीखेज सरपंच हत्याकांड में पुलिस ने अहम सफलता हासिल की है. आम आदमी पार्टी से जुड़े एक सरपंच की सरेआम गोली मारकर हत्या करने वाले दो आरोपियों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों आरोपी वारदात के बाद पंजाब से फरार हो गए थे और रायपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए थे.
पंजाब पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि हत्या में शामिल दोनों आरोपी रायपुर में छिपे हैं. इसके बाद पंजाब पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई. रविवार को पुलिस टीम ने राजेंद्र नगर स्थित ऋषभ अपार्टमेंट में दबिश दी और दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया.
क्राइम ब्रांच के डीएसपी संजय सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों के नाम सुखराज सिंह और करमजीत हैं. दोनों पंजाब के ही रहने वाले हैं और आपस में परिचित बताए जा रहे हैं. पुलिस का कहना है कि दोनों ने मिलकर पूरी साजिश को अंजाम दिया था और वारदात के बाद तुरंत राज्य से बाहर निकल गए थे.
यह हत्या 4 जनवरी को पंजाब के तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के सरपंच जरमल सिंह की हुई थी. सरपंच अमृतसर के मैरी गोल्ड रिसॉर्ट में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान दोनों आरोपी वहां आए और बेहद करीब से गोलियां चला दीं. अचानक हुई फायरिंग से समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई.
गोली लगते ही सरपंच जरमल सिंह मौके पर गिर पड़े. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने इलाज की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस पर आरोपियों को जल्द पकड़ने का दबाव बढ़ गया था.
गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर अमृतसर ले गई है. पुलिस अब उनसे हत्या के पीछे की वजह और किसी साजिश की आशंका को लेकर पूछताछ करेगी. साथ ही रायपुर में जिन रिश्तेदारों के यहां आरोपी रुके थे, उनसे भी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी मिल सके.