अमृतसर: अमृतसर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का पता करीब 16 वर्ष बाद एक बार फिर बदलने की तैयारी है. विभाग ने मौजूदा जर्जर भवन से कार्यालय को बस अड्डे के पास स्थित रेडक्रास भवन परिसर में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया है. प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कार्यालय को नई जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा.
विभाग का कहना है कि मौजूदा भवन की खराब स्थिति कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन चुकी है. हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान कार्यालय की फॉल्स सीलिंग का एक हिस्सा गिर गया था, जिससे एक कंप्यूटर क्षतिग्रस्त हो गया. उस समय कमरे में कोई कर्मचारी या आवेदक मौजूद नहीं था, इसलिए बड़ा हादसा टल गया. इसी घटना के बाद भवन की स्थिति का आकलन कर स्थानांतरण का प्रस्ताव तैयार किया गया.
हालांकि नई जगह पर कार्यालय शिफ्ट होने से कर्मचारियों और लोगों को असुरक्षित भवन से राहत मिलेगी, लेकिन इससे परिवहन संबंधी कार्य कराने वालों की कुछ परेशानियां भी बढ़ सकती हैं. वर्तमान में आरटीओ कार्यालय से स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और मोटर वाहन निरीक्षक कार्यालय की दूरी करीब एक से डेढ़ किलोमीटर है. नई जगह स्थानांतरण के बाद यह दूरी बढ़कर लगभग तीन किलोमीटर हो जाएगी.
इसका असर ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, वाहन पासिंग और अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए आने वाले लोगों पर पड़ सकता है. उन्हें अधिक दूरी तय करनी होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ेगी. वहीं बस अड्डे के आसपास अक्सर यातायात का दबाव रहता है, जिससे आने-जाने में अतिरिक्त समय लग सकता है. विभागीय कर्मचारियों को भी दिनभर दोनों कार्यालयों के बीच कई बार आवाजाही करनी पड़ेगी.
कार्यालय के स्थानांतरण की खबर से ग्वालमंडी चौक के आसपास वर्षों से लाइसेंस, आरसी और अन्य परिवहन दस्तावेजों का कार्य करने वाले दुकानदार भी चिंतित हैं. उनका कहना है कि कार्यालय नई जगह जाने के बाद ग्राहकों की संख्या कम हो सकती है, जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ेगा.
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हितेशवीर गुप्ता ने बताया कि वर्तमान भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए मुख्यालय को स्थानांतरण का प्रस्ताव भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही बिना किसी देरी के कार्यालय को नई जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा. विभाग का उद्देश्य कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, साथ ही नई व्यवस्था में लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाएगा.