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खाने की जगह टॉयलेट… 108 साल पुराने ओलंपिया कॉफी हाउस पर बड़ी कार्रवाई

मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित मशहूर ओलंपिया कॉफी हाउस पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने बड़ी कार्रवाई की है. करीब 108 साल पुराने इस चर्चित कॉफी हाउस का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

Shilpa Shrivastava
खाने की जगह टॉयलेट… 108 साल पुराने ओलंपिया कॉफी हाउस पर बड़ी कार्रवाई
Courtesy: X

कोलाबा: मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित मशहूर ओलंपिया कॉफी हाउस पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने बड़ी कार्रवाई की है. करीब 108 साल पुराने इस चर्चित कॉफी हाउस का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, एक ग्राहक की शिकायत के बाद यहां जांच की गई थी. जांच के दौरान खाने-पीने की चीजों को रखने वाली जगह में टॉयलेट मौजूद था. साथ ही यहां पर कई कॉकरोच और मक्खियां भी मिलीं. 

इसके अलावा, फ्रिज के अंदर मीट और खून के अवशेष भी पाए गए. जांच के दौरान अधिकारियों को खाने की तैयारी और बर्तन धोने की जगह पर भी साफ-सफाई की कमी मिली. कुछ खाद्य पदार्थों को सीधे फर्श पर रखा जा रहा था. अधिकारियों ने यह भी पाया कि साफ पानी के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा था.

कॉफी हाउस का लाइसेंस निलंबित:

शाकाहारी और मांसाहारी खाने को भी अलग-अलग रखने की उचित व्यवस्था नहीं थी. जांच में खराब हालत वाले लकड़ी के कटिंग बोर्ड मिले. खाने का काम करने वाले कर्मचारियों के लिए जरूरी साफ कपड़े और सुरक्षा संबंधी सामान भी पर्याप्त नहीं थे. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, ओलंपिया कॉफी हाउस में कुल 35 कर्मचारी खाने से जुड़े काम में लगे हुए थे. 

इनमें से 34 कर्मचारियों ने अनिवार्य फूड सेफ्टी ट्रेनिंग नहीं लिया था. जांच के समय जरूरी पानी की जांच की रिपोर्ट और साफ-सफाई से जुड़े रिकॉर्ड भी मौके पर उपलब्ध नहीं थे. अधिकारियों ने इन सभी कमियों को गंभीर माना और इसी आधार पर कॉफी हाउस का लाइसेंस निलंबित कर दिया.

नायर अस्पताल की कैंटीन पर भी कार्रवाई:

ओलंपिया कॉफी हाउस के साथ मुंबई के नायर अस्पताल की कैंटीन पर भी कार्रवाई की गई है. फूड सिक्योरिटी से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के कारण कैंटीन का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया. नायर अस्पताल मुंबई के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल है और इसका संचालन मुंबई महानगरपालिका करती है.

महाराष्ट्र में 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित:

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कुल 27 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की थी. इनमें से 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं. इनमें मुंबई के चेंबूर का एक ब्लिंकिट केंद्र, घाटकोपर के विश्वास स्वीट्स एंड स्नैक्स और ए-1 जनरल एंड ड्राय फ्रूट्स तथा वर्ली का मिलन पंजाब भी शामिल है. मालाड पूर्व का सद्गुरु स्वीट्स और रायगढ़ के खारघर स्थित पी4बी टेक्नोलॉजीज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड पर भी कार्रवाई की गई.

पुणे और नागपुर में भी हुई कार्रवाई:

फूड डिपार्टमेंट ने पुणे और पश्चिमी महाराष्ट्र के कई प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की है. पुणे के पाषाण स्थित रंगला पंजाब, करवे नगर के मनीषा डोसा सेंटर और अंबेगांव के होटल न्यू नित्यानंद एंड आइसक्रीम के खिलाफ कार्रवाई हुई. सातारा के वाई स्थित मानस फैमिली रेस्टोरेंट का लाइसेंस भी निलंबित किया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस रेस्टोरेंट को पहले भी सुधार के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन उसने उसका पालन नहीं किया.

त्योहारी मौसम में हजारों किलो मिलावटी सामान जब्त:

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने त्योहारी मौसम को देखते हुए मिलावट के खिलाफ भी अभियान चलाया है. विभाग के अनुसार, पूरे महाराष्ट्र में 2,813 किलोग्राम दूध और दूध से बने उत्पाद जब्त किए गए. इनकी कीमत करीब 7.38 लाख रुपये बताई गई है. जब्त सामान में खोया, मावा और पनीर शामिल थे. इन सामानों में मिलावट या घटिया गुणवत्ता होने का संदेह था.

ठाणे और मीरा रोड में 2,300 किलो से ज्यादा मावा जब्त:

ठाणे और मीरा रोड में अधिकारियों ने 2,300 किलोग्राम से ज्यादा घटिया मावा और खुला खोया जब्त किया. इसकी कीमत 5.85 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है. अधिकारियों के अनुसार, यह सामान गुजरात से यात्री बसों के जरिए महाराष्ट्र लाया जा रहा था. दूध से बनी चीजों को ले जाने के लिए जरूरी तापमान व्यवस्था भी नहीं की गई थी.