नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की मौत मामले ने एक बार फिर से देश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है. इस मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब इस मामले की जांच कर रही पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है.
AIIMS भोपाल द्वारा किए पोस्टमार्टम में यह कहा गया है कि ट्विशा ने जिस बेल्ट के इस्तेमाल से फांसी लगाई थी, उसे जांच अधिकारियों ने पोस्टमार्टम के लिए नहीं लाया था. इस मामले में यह एक बड़ा सबूत था, जिसे पुलिस ने जांच के लिए सौंपा ही नहीं.
ट्विशा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों द्वारा इस बात की पुष्टि ही नहीं की जा सकी कि गर्दन पर मिले निशान और उस बेल्ट के निशान एक थे भी या नहीं. जिसके कारण ट्विशा के परिवार द्वारा लगाए जा रहे आरोप और भी मजबूत हो गए हैं. ट्विशा के परिवार वालों का कहना था कि उनकी बेटी की हत्या उसके ससुरालवालों ने की है. परिवार द्वारा लगातार दिल्ली एम्स में ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की जा रही है. उनका कहना है कि उनके द्वारा बताई जा रही कहानी पूरी तरह से फर्जी है. ऐसे में पुलिस द्वारा सबूत को छोड़ देना कहीं न कहीं परिवार वालों के आरोपों को पुख्ता कर रहा है.
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि जिस बेल्ट से ट्विशा की मौत हुई, उसे SIT टीम द्वारा बरामद कर लिया गया था. लेकिन पोस्टमार्टम के लिए सौंपी नहीं जा सकी. ACP ने खुद जांच अधिकारियों द्वारा की गई लापरवाही को स्वीकार कर लिया है और कहा कि उसे बाद में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को सौंप दी गई है.
इस मामले में और भी कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं. परिवार वालों का कहना है कि अगर उनकी बेटी ने आत्महत्या की थी तो उसी वक्त पुलिस को क्यों नहीं बुलाया गया? हालांकि घर के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. जिससे इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं. ट्विशा के परिवार वालों ने उसकी मौत के पीछे उसके पति समर्थ सिंह और उसकी मां गिरिबाला सिंह का हाथ बताया है. उनका कहना है कि वह दोनों मिलकर उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से यातना देते थे. मामले की जांच जारी है और धीरे-धीरे कई खुलासे हो रहे हैं.