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अमेरिका ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में दी 30 दिनों की छूट, क्या भारत को मिलेगा इसका फायदा?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से रूसी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों को एक महीने के लिए हटा दिया गया है. हालांकि यह छूट केवल उन जहाजों को दी गई है जो पहले से ही समुद्र में खड़े थे और युद्ध के कारण आगे नहीं बढ़ पाए.

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Edited By: Shanu Sharma
अमेरिका ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में दी 30 दिनों की छूट, क्या भारत को मिलेगा इसका फायदा?
Courtesy: AI

अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण तेल सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित है. इसी बीच अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने रूसी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों पर एक बार फिर से एक महीने की छूट दी है. यह छूट केवल उन जहाजों को दी गई है जो पहले से ही समुद्र के रास्ते रूसी तेल ले जा रहे थे.

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से पुराने जनरल लाइसेंस 134B को अब 134C कर दिया गया है. इस नए लाइसेंस को 18 मई से लागू माना जाएगा. इसके तहत केवल उन जहाजों को छूट दी जाएगी जो 17 अप्रैल या उससे पहले समुद्र में निकल चुके थे, अब इसे 17 जून तक छूट दी गई है.

अमेरिकी छूट का भारत पर क्या असर?

ट्रंप सरकार के नए आदेश में कुछ देशों और क्षेत्रों से जुड़े लेने-देन को बाहर रखा गया है. जिसमें ईरान के साथ-साथ उत्तर कोरिया और रूस के नियंत्रण वाला यूक्रेन का कुछ  इलाका शामिल है. वहीं भारत समेत कुछ अन्य देशों को मार्च में एक महीने की विशेष छूट दी गई थी. हालांकि भारत सरकार ने साफ कहा है कि उसकी रूसी तेल खरीद अमेरिकी छूट पर निर्भर नहीं करती है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नई दिल्ली के फैसले पूरी तरह वाणिज्यिक तर्क, कीमत और आपूर्ति सुरक्षा पर निर्भर करते हैं. इसमें अमेरिकी द्वारा दी गई छूट से कोई लेना देना नहीं है. हम इस छूट से पहले भी खरीद रहे थे और इसके दौरान भी और अब भी रूस से तेल खरीदना जारी है.

रूस पर प्रतिबंधों से भारत का फायदा
 
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण अमेरिका ने कई देशों पर प्रतिबंध लगाया है. इसकी वजह से रूस को नए बाजार तलाशने की जरूरत पड़ी, जिसका पूरा फायदा भारत को मिला. भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए रियायती दामों पर रूस से कच्चे तेल खरीदा. इसी वजह से युद्ध की स्थिति में भी भारत तेल के जरिए घरेलू कीमतों पर कंट्रोल बनाए हुए है. यूक्रेन के साथ जंग के कारण रूस पर कई प्रतिबंध लगाए गए, जिसकी वजह से कई देशों ने तेल खरीदने से कदम पीछे खिंच लिया. हालांकि इसका फायदा यह हुआ कि भारत कम खर्च में ज्यादा क्रूड ऑयल खरीद कर अपने स्टोर को फुल कर लिया.