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India Daily

RGPV भोपाल में छात्रों को सब्जी में दिखी छिपकली, शिमला मिर्च बताकर निगल गया कैंटीन स्टाफ; वीडियो वायरल

भोपाल के आरजीपीवी विश्वविद्यालय की कैंटीन के खाने में छिपकली मिलने का आरोप लगा है. सबूत मिटाने के लिए कर्मचारी द्वारा उसे खाने का वीडियो वायरल होने पर प्रबंधन ने अब जांच समिति गठित की है.

KanhaiyaaZee
RGPV भोपाल में छात्रों को सब्जी में दिखी छिपकली, शिमला मिर्च बताकर निगल गया कैंटीन स्टाफ; वीडियो वायरल
Courtesy: Social Media

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है. यह मामला परिसर की कैंटीन में छात्रों को परोसे गए भोजन की स्वच्छता से जुड़ा है. 18 मार्च को कुछ छात्र कैंटीन में भोजन कर रहे थे, तभी उन्हें अपनी सब्जी में एक मरी हुई छिपकली दिखाई दी. छात्रों की शिकायत पर कर्मचारी ने संदेहास्पद टुकड़े को शिमला मिर्च बताकर खा लिया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई.

घटना के दौरान जब छात्रों ने अपनी थाली में मरी हुई छिपकली देखी, तो उन्होंने तुरंत कैंटीन स्टाफ को बुलाकर विरोध दर्ज कराया. हैरानी की बात यह रही कि कर्मचारी ने अपनी गलती मानने के बजाय उस संदिग्ध टुकड़े को हाथ से उठाया और उसे शिमला मिर्च बताते हुए तुरंत अपने मुंह में डालकर चबा लिया. छात्रों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर सबूत मिटाने और उनकी शिकायत को पूरी तरह झूठा साबित करने की एक सोची-समझी कोशिश थी.

छात्रों में स्वास्थय को लेकर चिंता

विश्वविद्यालय के छात्रों में इस घटना के बाद से काफी डर और नाराजगी देखी जा रही है. कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्र पहले भी कई बार मौखिक रूप से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन खाने में मरी हुई छिपकली मिलना उनके सब्र का बांध तोड़ने वाला था. छात्रों का कहना है कि यदि वह सच में छिपकली थी, तो उसे खाने वाले कर्मचारी के स्वास्थ्य के साथ-साथ पूरी सब्जी की शुद्धता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है.

विश्वविद्यालय प्रबंधन का आधिकारिक रुख 

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसके बाद आरजीपीवी के डायरेक्टर सुधीर भदौरिया ने अपना कड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने इस पूरे प्रकरण की गहराई से और निष्पक्ष जांच करने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है. प्रशासन का कहना है कि वे तथ्यों की जांच करेंगे.

कैंटीन संचालक के अपने तर्क 

दूसरी ओर, कैंटीन संचालक इस पूरे मामले को सिरे से खारिज कर रहे हैं और इसे केवल एक गलतफहमी बता रहे हैं. उनका दावा है कि सब्जी में कोई छिपकली नहीं थी, बल्कि वह शिमला मिर्च का ही एक सख्त टुकड़ा था जिसे गलती से छिपकली समझ लिया गया. संचालक का तर्क है कि उनके कर्मचारी ने छात्रों का भ्रम दूर करने के लिए ही उसे खाकर दिखाया था. उनके अनुसार, यह घटना कैंटीन की साख खराब करने के लिए बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई है.

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जांच समिति की रिपोर्ट में कैंटीन प्रबंधन की जरा भी लापरवाही या दोष सामने आता है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे. छात्रों का निरंतर दबाव है कि कैंटीन का अनुबंध तुरंत रद्द किया जाए और भविष्य के लिए सख्त स्वच्छता मानक निर्धारित किए जाएं. यह विवाद भोपाल के शैक्षणिक संस्थानों में परोसे जाने वाले भोजन की शुद्धता और निगरानी की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है जिसकी जांच जारी है.