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एक्शन में दिखे MP सीएम मोहन यादव, कलेक्टर और गुना एसपी को हटाया, सहकारी बैंक के जीएम पर भी गिरी गाज

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सीधी दौरे के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया. कलेक्टर और गुना एसपी को हटाया गया, जबकि सहकारी बैंक जीएम को निलंबित कर जवाबदेही तय करने का संदेश दिया गया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
एक्शन में दिखे MP सीएम मोहन यादव, कलेक्टर और गुना एसपी को हटाया, सहकारी बैंक के जीएम पर भी गिरी गाज
Courtesy: pinterest

मध्यप्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है. रविवार को सीधी जिले के औचक दौरे के दौरान उन्होंने जमीनी हालात का जायजा लिया और आम लोगों की शिकायतें सुनीं. इस निरीक्षण के बाद उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई अधिकारियों पर गाज गिराई. मुख्यमंत्री का यह कदम साफ संकेत देता है कि सरकार लापरवाही के मामलों में कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है और जवाबदेही तय करना उसकी प्राथमिकता है.

सीधी दौरे में सामने आईं खामियां

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था में कई कमियां सामने आईं. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं. समीक्षा बैठक में भी कई विभागों के कामकाज पर सवाल उठे. इन हालातों को देखकर मुख्यमंत्री नाराज़ नजर आए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिम्मेदारी तय होने के बाद लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

कलेक्टर और बैंक अधिकारी पर कार्रवाई

शिकायतों के आधार पर मुख्यमंत्री ने सीधी के कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को पद से हटाने का निर्देश दिया. इसके साथ ही जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है.

गुना एसपी पर भी गिरी गाज

गुना जिले में नकदी हेरफेर से जुड़े मामले को भी मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया. जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी की भूमिका संतोषजनक नहीं पाई गई. इसके बाद उन्हें भी तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश जारी किए गए. यह कार्रवाई पुलिस महकमे में भी स्पष्ट संदेश देने वाली मानी जा रही है.

आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रहेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरत पड़ने पर और भी बदलाव किए जाएंगे. देर रात तक और निर्णय सामने आने की संभावना जताई गई है, जिससे साफ है कि सरकार सुधार के लिए लगातार सक्रिय है.