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स्कूल के पैरेंट-टीचर्स मीटिंग से वापस लौटकर फंदे से झूली दसवीं की छात्रा, छत पर धूप सेंक रही मां को नहीं लगी खबर

मध्यप्रदेश में आत्महत्या का एक नया मामला सामने आया है. जिसमें एक दसवी कक्षा की छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. इस दौरान मां छत पर धूंप सेक रही थी और पिता घर से बाहर थे.

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Edited By: Shanu Sharma
स्कूल के पैरेंट-टीचर्स मीटिंग से वापस लौटकर फंदे से झूली दसवीं की छात्रा, छत पर धूप सेंक रही मां को नहीं लगी खबर
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. शहर के शांतिकुंज इलाके में रहने वाली एक दसवी कक्षा की छात्रा ने घर में फांसी लगातार आत्महत्या कर ली. छात्रा ने घटना को अंजाम उस समय दिया जब परिवार के लोग छत पर धूप सेंक रहे थे. हालांकि इस मामले में अभी तक किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं पाया गया है. 

पुलिस ने मामले पर कार्रवाई शुरू कर दी है. अभी तक सामने आ रही जानकारी के मुताबिक सोमवार को मृतका के स्कूल में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग हुआ था. जिसमें छात्रा अपनी मां के साथ स्कूल पहुंची थी. इस दौरान प्री-बोर्ड के रिजल्ट भी बताए गए थे, जो की उनकी उम्मीद से कम थे. 

स्कूल से वापस लौटी थी मृतका

मृतका स्कूल से लौटते वक्त थोड़ी परेशान थी. दोनों घर वापस आएं और मां छत पर धूप सेकने गई, वही छात्रा अपने कमरे में चली गई. जब कोचिंग जाने के समय हुआ तो लड़की मां उसके कमरे में पहुंची. इस दौरान बेटी का शव फंदे से लटा था. जिसके बाद मृतका की मां ने आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया और आनन-फानन में पास के प्राइवेट अस्पताल में ले गए. जहां डॉक्टरों द्वारा उसे मृत बताया गया. लड़की की मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं. वहीं लड़की के पिता इस बात को अभी भी मान नहीं पा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम करवा कर शव को परिजन को वापस कर दिया. जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया. 

मामले की जांच में जुटी पुलिस 

पुलिस ने बताया कि मृतका की बड़ी बहन भोपाल में पढ़ाई करती है. वहीं पिता दुकान चलाते हैं और माता महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत है. अभी किसी तरह का कोई स्पष्ट कारण नहीं पता चल पाया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि छात्रा ने अपने नंबर से ना खुश होकर यह कदम उठाया है. लेकिन पुलिस हर एक एंगल से जांच कर रही है. अभी तक इस मामले में किसी भी तीसरे व्यक्ति की संलिप्त्ता के बारे में पता नहीं चल पाया है. इस मामले ने एक बार फिर से युवाओं के ऊपर बढ़ते नंबर के बोझ को उजागर करता है.