भोपाल: इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के बाद से ही सियासी घमासान मचा हुआ है. इस घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्यभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नाम ‘घंटा आंदोलन’ रखा गया, जो सीधे तौर पर शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक विवादित बयान से जुड़ा है. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की लापरवाही और मंत्री की भाषा दोनों ही जनता के प्रति गैर जिम्मेदाराना हैं.
इंदौर के एक इलाके में पीने के पानी में गंदगी और मिलावट की शिकायतों के बाद कई लोग बीमार पड़े. इलाज के दौरान कुछ लोगों की मौत हो गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया. इस घटना ने आम लोगों में गुस्सा और डर दोनों पैदा कर दिया.
STORY | Congress stages ‘ghanta’ protest across MP over Indore water contamination deaths
The Congress on Sunday staged a noisy 'ghanta' or bell protest across Madhya Pradesh over the water contamination in Indore that has claimed six lives, demanding the resignation of senior… pic.twitter.com/cTtrScHXHO— Press Trust of India (@PTI_News) January 4, 2026Also Read
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घटना के बाद जब एक टीवी पत्रकार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो उन्होंने जवाब में ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल किया. आम बोलचाल में इस शब्द को अपमानजनक और टालने वाले जवाब के तौर पर देखा जाता है. बयान सामने आते ही विपक्ष ने इसे मृतकों और उनके परिवारों का अपमान बताया और मंत्री की आलोचना शुरू कर दी.
रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर समेत कई जिलों में हाथों में घंटे लेकर प्रदर्शन किया. पार्टी नेताओं ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ एक बयान के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय करने के लिए है.
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि कैलाश विजयवर्गीय को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना चाहिए. उनका आरोप है कि शहरी विकास विभाग की लापरवाही के कारण लोगों की जान गई. पार्टी का कहना है कि अगर पानी की नियमित जांच और समय पर सुधार होता, तो यह हादसा टल सकता था.
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि चूहों द्वारा दो नवजात बच्चों को कुतर कर मार दिए जाने की घटना हो या अग्रवाल नगर की बावड़ी में सरकारी लापरवाही से 36 लोगों की मौत, या जहरीले पानी से 16 लोगों की जान जाना, भाजपा सरकार ने किसी भी मामले में किसी पर कार्रवाई नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का अहंकार और भ्रष्टाचार प्रदेशवासियों की जान ले रहा है.
👉🏻 चूहों ने दो नवजात बच्चों को कुतर कर मार दिया
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 4, 2026
👉🏻 अग्रवाल नगर की बावड़ी में सरकारी लापरवाही के चलते 36 लोगों की मौत हुई
👉🏻 ज़हरीले पानी से 16 लोगों की जान गई
लेकिन भाजपा सरकार ने किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की।
भाजपा का अहंकार और भ्रष्टाचार प्रदेशवासियों की हत्या कर रहा है। pic.twitter.com/AMywo5YlZX