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टायरों से भरे चलते ट्रक में लगी भयानक आग, आसमान में छाया धुएं का गुबार, सामने आया वीडियो

मुरैना के जरेरुआ रोड पर स्क्रैप टायरों से भरे कंटेनर में चलते समय शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई, जिससे वाहन पूरी तरह जल गया. स्थानीय लोगों ने फायर सेफ्टी की कमी पर चिंता जताई.

Kanhaiya Kumar Jha
Edited By: Kanhaiya Kumar Jha
Morena Fire Incident
Courtesy: X

मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में शनिवार को एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची, जब जरेरुआ रोड पर केबीएल फैक्ट्री के सामने से गुजर रहा एक कंटेनर अचानक आग की लपटों में घिर गया. बताया गया कि कंटेनर में बड़ी मात्रा में स्क्रैप टायर भरे हुए थे, और अचानक लगी आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह कंटेनर लोहगढ़ के पास स्थित एक टायर फैक्ट्री की ओर जा रहा था. लेकिन अपनी मंजिल पर पहुंचने से पहले ही उसमें शॉर्ट सर्किट हो गया. चल रहे वाहन के इलेक्ट्रिक तारों में आई खराबी ने अचानक आग पकड़ ली, और कंटेनर में रखे टायरों ने जलकर लपटों को और भी अधिक तीव्र बना दिया. टायरों में लगी आग को बुझाना बेहद कठिन होता है, जिससे स्थिति और खराब होती गई.

स्थानीय लोगों की कोशिशें रही नाकाम

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने दौड़कर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए. उन्होंने पानी, मिट्टी और उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन टायरों से उठती तेज लपटों के सामने उनके सभी प्रयास नाकाम रहे. कुछ ही देर में आग इतनी बढ़ गई कि कंटेनर के कई टायर गर्मी के कारण फट गए और बार-बार तेज आवाजें सुनाई देती रहीं. थोड़ी ही देर में पूरा कंटेनर आग की भट्टी में तब्दील हो गया और अंत में वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया.

फायर सेफ्टी के उचित इंतजाम नहीं

स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना पहली बार नहीं हुई है. दो दिन पहले भी इसी इलाके में एक अन्य वाहन में आग लगने की वारदात सामने आई थी. लोगों का कहना है कि जरेरुआ रोड और आसपास का इलाका एक इंडस्ट्रियल एरिया है, लेकिन यहां फायर सेफ्टी के उचित इंतजाम नहीं हैं. न तो इलाके में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं और न ही आग लगने पर तुरंत मदद पहुंचाने के लिए कोई सिस्टम मौजूद है. लोगों ने चिंता जताई कि अगर ऐसी घटनाएँ लगातार होती रहीं, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना बेहद ज़रूरी है. अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में इस तरह की आग और भी गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है.