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2 बार की BJP सांसद हिमाद्री सिंह का पति से तलाक, 2017 में हुई थी शादी; कई साल से रह रहे थे अलग

शहडोल की बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का वैवाहिक रिश्ता कानूनी रूप से खत्म हो गया है. दोनों लंबे समय से अलग रह रहे थे. कोर्ट ने तलाक की डिक्री पारित कर दी है.

KanhaiyaaZee
2 बार की BJP सांसद हिमाद्री सिंह का पति से तलाक, 2017 में हुई थी शादी; कई साल से रह रहे थे अलग
Courtesy: Social Media

भोपाल: मध्यप्रदेश के शहडोल से बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का तलाक हो गया है. दोनों पिछले कई वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे. अदालत ने तलाक के आवेदन पर सुनवाई के बाद डिक्री पारित कर दी. हिमाद्री और नरेंद्र की शादी 23 नवंबर 2017 को अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में हुई थी. दोनों की एक बेटी गिरिशा कुमारी सिंह है, जो हिमाद्री सिंह के साथ रहती हैं. निजी रिश्ते में अलगाव की वजह सार्वजनिक नहीं हुई है.

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी की शादी 23 नवंबर 2017 को पुष्पराजगढ़ में हुई थी. शादी के बाद दोनों की एक बेटी गिरिशा कुमारी सिंह हुई. पिछले कुछ वर्षों से दोनों अलग रह रहे थे. अब अदालत के आदेश के बाद उनका वैवाहिक संबंध कानूनी तौर पर समाप्त हो गया है. अलगाव की वजह को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.

बड़े आदिवासी राजनीतिक परिवार से आती हैं हिमाद्री

हिमाद्री सिंह मध्यप्रदेश के चर्चित आदिवासी राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता और राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे. उनकी मां राजेश नंदिनी सिंह कोतमा से विधायक और शहडोल से सांसद रह चुकी थीं. हिमाद्री के माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है. दिल्ली में पढ़ाई करने वाली हिमाद्री को युवा आदिवासी नेताओं में भी गिना जाता है.

कांग्रेस से बीजेपी तक ऐसा रहा राजनीतिक सफर

हिमाद्री सिंह ने 2016 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था. इसके बाद 2019 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. बीजेपी के टिकट पर उन्होंने शहडोल लोकसभा सीट से 2019 और 2024 का चुनाव जीता. हाल में उन्होंने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित दुनिया भर के युवा सांसदों के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था.

नरेंद्र मरावी की भी रही सक्रिय राजनीतिक पृष्ठभूमि

नरेंद्र सिंह मरावी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बीजेपी से जुड़े रहे हैं. उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में हिमाद्री की मां राजेश नंदिनी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं मिली. इसके बाद 2018 में पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा और हार गए. बाद में वह राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रहे. राजनीतिक रूप से उन्हें हिमाद्री के बीजेपी में आने से भी जोड़ा जाता रहा है.

2024 चुनाव के दौरान भी चर्चा में था नाम

समय के साथ हिमाद्री सिंह का राजनीतिक कद बढ़ता गया, जबकि नरेंद्र मरावी की सक्रिय राजनीति में पहले जैसी भूमिका नहीं रही. 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके बीजेपी से टिकट मांगने की चर्चा थी. इसी बीच दोनों के अलग रहने की खबरें सामने आती रहीं. हालांकि, उनके निजी रिश्ते में दरार की असली वजह क्या रही, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई. अब अदालत की तलाक डिक्री के साथ यह रिश्ता कानूनी रूप से खत्म हो गया है.