मध्य प्रदेश की राजनीति में अभिजीत दिपके की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है. बालाघाट में कथित तौर पर हेकलिंग के एक दिन बाद उन्होंने खुद को राज्य का मुख्यमंत्री बताते हुए इस्तीफे का व्यंग्यात्मक पत्र साझा किया. पत्र में सरकार की कथित नाकामियों पर निशाना साधा गया और अब लेटरहेड को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
Cockroach Janta Party के संस्थापक अभिजीत दिपके ने रविवार को सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का एक पत्र साझा किया. पत्र देखने में आधिकारिक दस्तावेज जैसा नजर आ रहा था, लेकिन दिपके ने इसे व्यंग्य के तौर पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्हें राज्य की सेवा का मौका मिला, लेकिन वह इसमें असफल रहे. पत्र के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी सरकार पर भी तंज कसा गया.
ज़िम्मेदारी से बचकर भागते हुए @abhijeet_dipke https://t.co/HwSzHnMQzs
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 13, 2026Also Read
दिपके की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे मुख्यमंत्री के आधिकारिक लेटरहेड के कथित दुरुपयोग से जोड़ दिया. एक NGO हैंडल ने मामले की जांच और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की. वहीं, खुद को बीजेपी सदस्य बताने वाले एक सोशल मीडिया अकाउंट ने भी दिपके के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की और मुख्यमंत्री पद की पहचान का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
इस पोस्ट से एक दिन पहले दिपके बालाघाट के अडोरी, कोरका और बोंदारी गांव पहुंचे थे. वह संक्रमण से कथित तौर पर जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिजनों से मिलने और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेने गए थे. इसी दौरान वायरल वीडियो में एक महिला इन्फ्लुएंसर उन्हें रोककर सवाल करती दिखाई दी. उसने पूछा कि क्या वह शवों पर राजनीति करने आए हैं. दिपके ने देर से पहुंचने के लिए माफी मांगने की बात कही. स्थिति बिगड़ने पर CJP कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी कार में बैठाकर वहां से रवाना कर दिया.
I hereby resign as the Chief Minister of MP with immediate effect.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 13, 2026
I thank Hon’ble PM @narendramodi ji for giving me the opportunity to serve the people of MP, an opportunity in which I have clearly failed.@GovernorMP pic.twitter.com/BVhfJDIf5n
बालाघाट में बच्चों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार से जवाब मांगा है. याचिका में पर्याप्त इलाज नहीं मिलने और 50 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में करीब 400 बच्चों के इलाज का दावा किया गया है. वहीं, सागर के बांदा इलाके में कथित जहरीली शराब से 16 लोगों की मौत हुई और मामले में 19 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. दिपके ने अपने व्यंग्यात्मक पत्र में इन घटनाओं समेत सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.