नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाने पर सहमति जताई है. ट्रंप ने साथ ही दुनिया में डीजल की बढ़ती कीमतों को रूस-यूक्रेन युद्ध से जोड़ते हुए ईरान युद्ध को जिम्मेदार मानने से इनकार किया.
ट्रंप ने Truth Social पर कहा कि यूक्रेन रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमले नहीं करेगा और रूस भी इसी तरह की प्रतिबद्धता पर सहमत हुआ है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब उन्होंने एक दिन पहले यूक्रेन की ओर से रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने की आलोचना की थी. ट्रंप ने अपने पोस्ट में दुनिया में डीजल की कीमत बढ़ने के पीछे रूस-यूक्रेन युद्ध को मुख्य कारण बताया.
ट्रंप के बयान के बीच नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने यूक्रेन के समर्थन को और मजबूत करने की बात कही. उन्होंने कहा कि रूस की ओर से यूक्रेन-पोलैंड सीमा के पास किए गए ड्रोन हमले चिंता बढ़ाने वाले हैं. रुटे के मुताबिक, नाटो क्षेत्र के करीब हुए हमले रूस की बढ़ती आक्रामकता और दबाव बनाने की कोशिश को दिखाते हैं. उन्होंने साफ कहा कि रूस यूक्रेन के समर्थन में नाटो की एकजुटता को कमजोर नहीं कर पाएगा.
पोलैंड की सीमा के करीब हुए हमले को लेकर रूस ने अपने रुख में कोई नरमी नहीं दिखाई. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूसी सेना यूक्रेन के पूरे क्षेत्र में अपने सैन्य लक्ष्यों को पूरा कर रही है और आगे भी ऐसा करती रहेगी. यह बयान ऐसे समय आया है, जब पोलैंड को आशंका है कि यूक्रेन के सीमावर्ती इलाकों में रूसी हमलों का असर उसकी सुरक्षा पर भी पड़ सकता है.
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि आने वाले सप्ताह और महीने रूस की ओर से तेज सैन्य गतिविधियों वाले हो सकते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि इस बढ़ते तनाव का असर पोलैंड के क्षेत्र पर भी पड़ने की आशंका है. टस्क के अनुसार, रूस यूक्रेन के सीमावर्ती इलाकों और सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकता है. उन्होंने संभावित स्थिति से निपटने के लिए नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर समन्वित जवाब तैयार करने की बात कही.