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India Daily

इंदौर जल त्रासदी में बड़ा खुलासा, पुलिस चौकी के टॉयलेट लीक से दूषित हुआ पानी; शौचालय निर्माण में लापरवाही उजागर

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 10 लोगों की मौत का कारण पुलिस चौकी के शौचालय का गलत निर्माण माना जा रहा है. बिना सेप्टिक टैंक बने शौचालय से गंदा पानी पीने की पाइपलाइन में मिला.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
इंदौर जल त्रासदी में बड़ा खुलासा, पुलिस चौकी के टॉयलेट लीक से दूषित हुआ पानी; शौचालय निर्माण में लापरवाही उजागर
Courtesy: Social Media

इंदौर: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से हुई 10 लोगों की मौत के मामले में अब चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. स्थानीय लोगों ने इस त्रासदी के लिए पुलिस चौकी में बने शौचालय के गलत निर्माण को जिम्मेदार ठहराया है. आरोप है कि शौचालय बिना सही सेप्टिक टैंक के बनाया गया था. शौचालय की वेस्ट लाइन सीधे एक गड्ढे में छोड़ी गई थी जो पीने के पानी की पाइपलाइन के ठीक ऊपर था. इसी कारण गंदा पानी पीने के पानी में मिल गया और सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए.

29 दिसंबर को जब मौतों और अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई, तब इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि भागीरथपुरा पुलिस चौकी से जुड़ा शौचालय तय मानकों के बिना बनाया गया था. नगर निगम के पूर्व आयुक्त दिलीप यादव ने बताया कि सबसे पहले रिसाव पुलिस चौकी के पीछे देखा गया था. इसके बाद अन्य जगहों पर भी लीकेज के संकेत मिले. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस चौकी के पीछे बने शौचालय को तुरंत तोड़ दिया गया.

स्थानीय निवासी ने क्या रखी मांग?

स्थानीय निवासी अशोक पाठी ने कहा कि लापरवाही के कारण इतनी बड़ी जनहानि होना बेहद दुखद है. उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए. निवासी रमेश वर्मा ने कहा कि जिस पानी को सुरक्षित समझकर लोग पीते थे वही जानलेवा साबित हुआ. लोगों में अब डर का माहौल है और हर नल खोलते समय चिंता बनी रहती है.

भागीरथपुरा निवासी मीना जैन ने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो. इसके साथ ही दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की. पुलिस के अनुसार भागीरथपुरा चौकी का निर्माण वर्ष 2003 में स्थानीय लोगों के सहयोग से किया गया था. यह संरचना सार्वजनिक उद्यान की जमीन पर बनी थी.

पुलिस ने इस मामले में क्या लिया एक्शन?

बाणगंगा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. डीसीपी राजेश व्यास ने बताया कि सभी मौतों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है. पुलिस ने भागीरथपुरा चौकी के पीछे की मिट्टी और मृतकों के घरों से पानी के सैंपल लिए हैं. फोरेंसिक जांच के लिए ये सैंपल एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.