श्योपुर: भारत में चीतों का रिवाइवल अब एक नई मंजिल पर पहुंच गया है. श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने आज तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया. यह खुशखबरी ठीक उस दिन आई जब अफ्रीकी चीतों के भारत पहुंचने को तीन साल पूरे हुए.
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे प्रोजेक्ट चीता की बड़ी कामयाबी बताया. अब देश में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 तक पहुंच चुकी है. यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाती है.
गामिनी भारत आने के बाद दूसरी बार मां बनी है. यह कूनो में चीतों का नौवां सफल प्रसव है. पिछले दस दिनों में यह दूसरा जन्म हुआ है. इससे पहले 7 फरवरी को एक अन्य चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया था. इन आठ नए शावकों ने प्रोजेक्ट चीता को नई ऊर्जा दी है.
यहां देखें वीडियो
चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र मध्यप्रदेश…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 18, 2026
अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता ‘गामिनी’ ने 3 शावकों को जन्म दिया है। श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ यह 9वां सफल प्रसव है।… pic.twitter.com/vr24Qcuf7U
तीन नए शावकों के साथ भारत में जन्मे जीवित चीता शावकों की कुल संख्या 27 हो गई है. देश में कुल चीतों की आबादी अब 38 तक पहुंच चुकी है. अधिकारी बताते हैं कि फील्ड स्टाफ, पशु चिकित्सकों और वन विभाग की लगातार निगरानी और देखभाल से यह संभव हो पाया है. हर नया जन्म परियोजना की सफलता को मजबूत करता जा रहा है.
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस खबर को साझा करते हुए इसे ऐतिहासिक संरक्षण अभियान की बड़ी जीत बताया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी एक वीडियो शेयर कर खुशी जताई. उन्होंने लिखा कि कूनो चीतों के पुनर्स्थापन का मजबूत केंद्र बन चुका है और यह जैव-विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण कदम है.
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती आबादी वैज्ञानिक प्रबंधन, निरंतर निगरानी और टीम के अथक प्रयासों का नतीजा है. यह विकास न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है. प्रोजेक्ट चीता अब सकारात्मक दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और भविष्य में और भी अच्छे नतीजे की उम्मीद जगा रहा है.