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India Daily

किसानों की बड़ी जीत? भोपाल आंदोलन के बाद मूंग खरीद बढ़ी, ई-टोकन व्यवस्था पर लगी रोक

भोपाल में कई दिनों से चल रहा किसानों का आंदोलन सरकार के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया. मूंग की MSP खरीद बढ़ाने और ई-टोकन व्यवस्था हटाने समेत कई मांगों पर सहमति बनी.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
किसानों की बड़ी जीत? भोपाल आंदोलन के बाद मूंग खरीद बढ़ी, ई-टोकन व्यवस्था पर लगी रोक
Courtesy: X (@gemsofbabus_)

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में चल रहा किसानों का प्रदर्शन आखिरकार खत्म हो गया है. सरकार और किसान संगठनों के बीच हुई बातचीत के बाद कई मुद्दों पर सहमति बनी. किसानों की प्रमुख मांग मूंग की MSP पर ज्यादा खरीद और खाद वितरण की ई टोकन व्यवस्था को लेकर थी. सरकार ने इन मुद्दों पर कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया.

मूंग खरीद बढ़ाने के फैसले से खत्म हुआ विवाद

किसानों का आंदोलन मुख्य रूप से मूंग की MSP पर खरीद को लेकर शुरू हुआ था. किसानों का कहना था कि रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद सीमित खरीद होने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा था. सरकार ने अब हर पात्र किसान की 60 प्रतिशत उपज MSP पर खरीदने का प्रस्ताव दिया है. पहले यह सीमा 25 प्रतिशत थी. इसके साथ खरीद और स्लॉट बुकिंग की तारीखों में भी बढ़ोतरी की गई है.

खाद ई टोकन व्यवस्था पर लगी रोक

किसानों की दूसरी बड़ी मांग खाद वितरण में लागू ई टोकन प्रणाली को लेकर थी. किसानों का आरोप था कि इस व्यवस्था के कारण उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी. सरकार ने फिलहाल इस प्रणाली को बंद करने का निर्णय लिया है. कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो व्यवस्था की समीक्षा कर सुधार के सुझाव देगी.

नर्मदापुरम से भोपाल तक चला आंदोलन

किसानों ने 27 जुलाई को नर्मदापुरम से भोपाल के लिए किसान क्रांति पदयात्रा शुरू की थी. करीब दो हजार किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों और जरूरी सामान के साथ राजधानी की ओर बढ़े. 28 जुलाई को वे भोपाल की सीमा तक पहुंचे और प्रदर्शन जारी रखा. 29 जुलाई को किसानों ने सड़कों पर डेरा डालकर सरकार पर मांगें मानने का दबाव बनाया.

बातचीत के बाद बनी समाधान की राह

लगातार बातचीत के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच सहमति बनी. सरकार ने मूंग खरीद बढ़ाने, तारीख आगे बढ़ाने और किसानों की अन्य मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया. इन आश्वासनों के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की. इसके साथ ही भोपाल में कई दिनों से चल रहा किसान धरना समाप्त हो गया और किसान अपने घरों की ओर लौटने लगे.