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बेंगलुरु बेस्ड स्टार्टअप Livspace के 1000 कर्मचारियों की हुई छंटनी, को-फाउंडर ने भी दिया इस्तीफा; अब AI-फर्स्ट मॉडल पर कंपनी करेगी काम

बेंगलुरु की लिवस्पेस ने लगभग 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, क्योंकि कंपनी AI-फर्स्ट मॉडल पर जा रही है. को-फाउंडर सौरभ जैन ने भी इसी बीच इस्तीफा दे दिया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बेंगलुरु बेस्ड स्टार्टअप Livspace के 1000 कर्मचारियों की हुई छंटनी, को-फाउंडर ने भी दिया इस्तीफा; अब AI-फर्स्ट मॉडल पर कंपनी करेगी काम
Courtesy: Pinterest

बेंगलुरु: बेंगलुरु के मशहूर होम इंटीरियर स्टार्टअप लिवस्पेस ने करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है. कंपनी की छंटनी इतनी बड़े पैमाने पर और अचानक हुई कि पूरी इंडस्ट्री हैरान रह गई. इसके अलावा कंपनी के को-फाउंडर ने भी इस्तीफा दे दिया है. इस पूरे तूफान के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को मुख्य वजह बताया जा रहा है. 

रिपोर्ट्स के मुताबिक इन छंटनी के साथ लिवस्पेस ने अपने कुल कर्मचारियों में से लगभग 12 प्रतिशत को नौकरी से निकाल दिया है. लिवस्पेस में इस लेऑफ ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है कि क्या AI इंसानों की नौकरियां ले रहा है.

क्या है इसकी वजह?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लिवस्पेस अपने पूरे बिज़नेस मॉडल को 'AI-फर्स्ट' बनाने की तैयारी कर रहा है. कंपनी का मानना ​​है कि जो काम पहले सैकड़ों डिजाइनर और ऑपरेशन टीम करती थीं, अब एडवांस्ड AI टूल्स की मदद से तेजी से और कम खर्च में किया जा सकता है. इन 1,000 कर्मचारियों को इस टेक ट्रांज़िशन की कीमत चुकानी पड़ी है. वे कंपनी के कुल वर्कफ़ोर्स का लगभग 12 परसेंट थे.

को-फाउंडर ने क्यों दिया इस्तीफा?

कंपनी की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब बड़े फेरबदल के बीच उसके को-फाउंडर ने भी इस्तीफा दे दिया. हालांकि ऑफिशियली इसे पर्सनल फैसला बताया गया लेकिन अंदर की अफवाहों से पता चलता है कि वह कंपनी के एग्रेसिव AI अप्रोच और बड़े पैमाने पर लेऑफ से सहमत नहीं थे. किसी भी स्टार्टअप के लिए फाउंडर का जाना एक बड़ा झटका माना जाता है.

कर्मचारियों ने क्या कहा?

जिन कर्मचारियों को निकाला गया है, उनमें जूनियर से लेकर मिड-मैनेजमेंट तक शामिल हैं. कई कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर अपना दुख शेयर करते हुए कहा कि उन्हें बिना पहले से बताए मीटिंग में बुलाया गया और पिंक स्लिप थमा दी गईं. हालांकि कंपनी ने एक सेवरेंस पैकेज का वादा किया है, लेकिन 2026 की शुरुआत में इतनी बड़ी संख्या में लेऑफ ने मार्केट में पैनिक पैदा कर दिया है.

लिवस्पेस के अगले प्लान क्या हैं?

रिपोर्ट्स के मुताबिक लिवस्पेस अब कॉस्ट कटिंग और प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस कर रही है. कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है जहां कस्टमर AI का इस्तेमाल करके अपने घर खुद डिजाइन कर सकें, जिससे इंसानी दखल कम हो.

टेक प्रोफेशनल्स के लिए क्या है चेतावनी?

टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि लिवस्पेस का यह कदम आने वाले समय की चेतावनी है. सिर्फ डिग्री अब काफी नहीं होगी. हर प्रोफेशनल को AI के साथ चलना होगा. प्रॉफिटेबल बने रहने के लिए संघर्ष कर रही कंपनियां AI को शॉर्टकट के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं. इसलिए अगर आप टेक सेक्टर में हैं तो AI स्किल्स जल्दी सीखना समझदारी है.