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अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण का केस होगा दर्ज, प्रयागराज कोर्ट ने दिए आदेश

प्रयागराज से बड़ा खबर सामने आ रही है. स्पेशल POCSO (प्रिवेंशन ऑफ इंजरी) कोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण का केस होगा दर्ज, प्रयागराज कोर्ट ने दिए आदेश
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उत्तर प्रदेशः प्रयागराज से बड़ा खबर सामने आ रही है. स्पेशल POCSO (प्रिवेंशन ऑफ इंजरी) कोर्ट ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के मामले में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है. POCSO कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ झूंसी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं.

13 फरवरी को हुई थी वीडियोग्राफी

आपको बता दें कि 13 फरवरी को आरोप लगाने वाले दो नाबालिगों के बयान कोर्ट में वीडियोग्राफी के साथ रिकॉर्ड किए गए थे. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट पर भी संज्ञान लिया. नाबालिगों के बयान और पुलिस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद कोर्ट ने FIR पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. आज की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कौन हैं?

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उत्तराखंड में ज्योतिर्मठ (बद्रीनाथ) के मौजूदा शंकराचार्य हैं. वे अपने बेबाक बयानों और सनातन धर्म के बचाव के लिए जाने जाते हैं. सरकार के साथ उनकी मुख्य चिंताएं राम मंदिर के अधूरे निर्माण, हिंदू धर्म में राजनीतिक दखल और धार्मिक स्थलों पर सरकारी नियंत्रण से जुड़ी हैं.

योगी और मोदी सरकार के खिलाफ दिए बयान

  • राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का मुद्दा: उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का विरोध किया क्योंकि मंदिर का निर्माण अभी पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ था.
  • धर्म में राजनीतिक दखल: उन्होंने अक्सर धार्मिक आयोजनों में राजनेताओं के ज्यादा शामिल होने और हिंदुत्व के राजनीतिकरण पर सवाल उठाए हैं.
  • धार्मिक स्थलों का मुद्दा: उनकी मुख्य शिकायत अक्सर यह होती है कि सरकार धार्मिक और आध्यात्मिक मामलों में दखल दे रही है, जो नहीं होना चाहिए.
  • टिप्पणियों पर विवाद: बयानबाजी के कारण अक्सर उनके और सरकार (जैसे योगी सरकार) के बीच तनाव देखा गया है, जहाँ उनके बयानों से तीखी बहस होती है.

'हम दर-दर भटक रहे थे': आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज

शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, "हम दर-दर भटक रहे थे, पुलिस के पास जा रहे थे, लेकिन हमारी गुहार नहीं सुनी जा रही थी. इसलिए हम न्याय के मंदिर आए थे. आज मुझे लग रहा है कि न्याय अभी भी जिंदा है. कोर्ट ने आज हमें न्याय दिया है. मैं साफ-साफ कहना चाहता हूं कि शिष्यों के साथ यौन शोषण हुआ और उनके साथ समलैंगिक हरकतें की गईं. कोर्ट ने इसकी पुष्टि की है."

आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी कौन हैं?

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के प्रेसिडेंट भी हैं. शामली में एक पंडित परिवार में जन्मे आशुतोष के पिता रोडवेज बस कंडक्टर थे. 2022 में रामभद्राचार्य से दीक्षा लेने के बाद से वे संन्यास का जीवन जी रहे हैं. वे श्री कृष्ण जन्मभूमि केस में एक मुख्य केस लड़ने वाले भी हैं.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर क्या आरोप लगे हैं?

रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का दावा है कि माघ मेले के दौरान, वे दो बच्चों से मिले जिन्होंने शंकराचार्य के कैंप में अपने साथ हुए यौन शोषण के अनुभव बताए. ब्रह्मचारी का आरोप है कि शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद ने गुरु सेवा के नाम पर बच्चों को गुमराह किया और उनका यौन शोषण किया. उनका यह भी दावा है कि उनके पास सबूत के तौर पर इस घिनौने काम की एक CD है, जिसे वे कोर्ट में पेश करेंगे.