रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा की घटना सामने आई है. सोमवार रात रामगढ़ के लारी गांव में आयोजित विसर्जन जुलूस उस समय हिंसक हो गया, जब भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हो गया. प्रशासन के अनुसार विसर्जन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही पुलिस पर अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई.
इस घटना में चार पुलिसकर्मी और कम से कम 15 अन्य लोग घायल हो गए. रामगढ़ के सब डिविजनल पुलिस ऑफिसर परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि पुलिस जुलूस को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थी. इसी दौरान विसर्जन में शामिल कुछ लोगों ने अचानक पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए.
पत्थरबाजी में चार सुरक्षाकर्मी और कई स्थानीय लोग घायल हुए. घायल पुलिसकर्मियों को स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक इलाज दिया गया. इलाज के बाद सभी पुलिसकर्मियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. पुलिस ने तुरंत हालात को काबू में लेने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया.
राजरप्पा थाना में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि एफआईआर में 42 लोगों को नामजद किया गया है. इसके अलावा करीब 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है.
अधिकारियों ने साफ किया कि यह घटना किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं है. प्रशासन यह जांच कर रहा है कि मामूली विवाद इतनी बड़ी हिंसा में कैसे बदल गया. घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
इसी तरह की घटना लोहरदगा जिले में भी सामने आई थी. रविवार को लोहरदगा के कुडू प्रखंड के उरमुडु गांव में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो गुटों में झड़प हो गई. इस झड़प में ईंट पत्थर चलने से सात लोग घायल हो गए थे. इसके अलावा हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड में भी विसर्जन के दौरान विवाद हुआ था. यहां आपत्तिजनक गाने बजाने को लेकर दो गुटों के बीच पत्थरबाजी हुई थी. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है.