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झारखंड में भी देखने को मिल रहा ईरान-इजरायल युद्ध का असर, गैस की किल्लत से फूटा लोगों का गुस्सा

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी सप्लाई प्रभावित होने की वजह से देशभर में गैस की किल्लत देखी जा रही है. झारखंड के कई जिलों में भी यही समस्या है, लेकिन चतरा में स्थिति सबसे गंभीर हो गई. उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई दिनों पहले बुकिंग कराई थी, फिर भी सिलेंडर नहीं मिल रहा.

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Edited By: Antima Pal
झारखंड में भी देखने को मिल रहा ईरान-इजरायल युद्ध का असर, गैस की किल्लत से फूटा लोगों का गुस्सा
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झारखंड: झारखंड के चतरा जिले में रसोई गैस की भारी कमी ने लोगों का गुस्सा फूट गया. शनिवार सुबह इंडियन गैस एजेंसी के पास बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंचे और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. यह घटना चतरा बाईपास पर हुई, जहां लोगों ने खाली सिलेंडर सड़क पर रखकर आवागमन पूरी तरह रोक दिया. लगभग एक घंटे तक जाम लगा रहा, जिससे वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई.

झारखंड में भी देखने को मिल रहा ईरान-इजरायल युद्ध का असर

ईरान-इजरायल युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी सप्लाई प्रभावित होने की वजह से देशभर में गैस की किल्लत देखी जा रही है. झारखंड के कई जिलों में भी यही समस्या है, लेकिन चतरा में स्थिति सबसे गंभीर हो गई. उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई दिनों पहले बुकिंग कराई थी, फिर भी सिलेंडर नहीं मिल रहा. एजेंसी कर्मचारी उन्हें रोज 'आज-कल' कहकर टालते हैं. कई घरों में गैस पूरी तरह खत्म हो चुकी है, खाना बनाने में दिक्कत हो रही है. लोग मजबूर होकर होटल से खाना मंगवा रहे हैं या कोयले-लकड़ी पर चूल्हा जला रहे हैं.

गैस की किल्लत से फूटा लोगों का गुस्सा

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे से वे खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुंचे थे. जब एजेंसी नहीं खुली और कोई जानकारी नहीं दी गई, तो उनका सब्र टूट गया. तीन दर्जन से ज्यादा लोग सड़क पर उतर आए. उन्होंने सिलेंडरों को कतार में सड़क पर रख दिया, जिससे मुख्य मार्ग पूरी तरह ब्लॉक हो गया. आक्रोशित महिलाएं और ग्रामीण विशेष रूप से नाराज थे, क्योंकि घरेलू कामकाज ठप हो गए हैं.

स्थानीय पुलिस और गैस एजेंसी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बात की. उन्हें जल्द आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया. इसके बाद धीरे-धीरे जाम हटाया गया और स्थिति सामान्य हुई. हालांकि लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कुछ दिनों में गैस की नियमित सप्लाई नहीं हुई, तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे. यह संकट सिर्फ चतरा तक सीमित नहीं है. झारखंड के अन्य जिलों जैसे रांची, धनबाद, गिरिडीह में भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं. कुछ जगहों पर कालाबाजारी और होटलों में घरेलू सिलेंडर के गलत इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.

केंद्र सरकार ने कहा है कि पर्याप्त स्टॉक है और पैनिक न करें, लेकिन ग्राउंड पर स्थिति अलग दिख रही है. चतरा के इस विरोध से साफ है कि आम आदमी की रसोई अब वैश्विक घटनाओं से सीधे जुड़ गई है. प्रशासन को जल्द कदम उठाने होंगे, वरना ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं. लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सिलेंडर की डिलीवरी सुचारू हो जाएगी.

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