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India Daily

मिठाई बनी मौत की वजह, एक व्यक्ति की शादी की दावत में रसगुल्ला खाते समय गले में फंसने से चली गई जान

झारखंड में एक शादी समारोह के दौरान 41 वर्षीय ललित सिंह की रसगुल्ला खाते समय गले में फंसने से मौत हो गई. परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
मिठाई बनी मौत की वजह, एक व्यक्ति की शादी की दावत में रसगुल्ला खाते समय गले में फंसने से चली गई जान
Courtesy: Grok AI

रांची: झारखंड के एक गांव में शादी का जश्न शुक्रवार देर रात उस समय मातम में बदल गया, जब 41 साल के ललित सिंह की शादी की दावत के दौरान रसगुल्ला गले में फंसने से दुखद मौत हो गई.

ललित सिंह शुक्रवार रात करीब 1 बजे शादी समारोह में शामिल हुए थे और गांव वालों के साथ जश्न और खाने का लुत्फ उठा रहे थे. वहां मौजूद लोगों ने बताया कि वह रसगुल्ला खा रहे थे, तभी अचानक वह उनके गले में फंस गया, जिससे उन्हें तुरंत सांस लेने में दिक्कत होने लगी.

वहां मौजूद लोगों ने क्या बताया?

वहां मौजूद एक रिश्तेदार ने बताया, जैसे ही यह हुआ, उनका चेहरा पीला पड़ गया और वह हांफने लगे. वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि परिवार और गांव वाले उनके गले से मिठाई निकालने की कोशिश करने लगे.

ललित को बचाने के लिए मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए. उनकी हालत बिगड़ती देख परिवार के सदस्य और गांव वाले उन्हें तुरंत MGM अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने तुरंत उनकी जांच की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

डॉक्टरों ने क्या बताया?

डॉक्टरों ने बताया कि रसगुल्ला उनके सांस लेने के रास्ते में फंस गया था, जिससे उनके शरीर तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाई और उनकी अचानक मौत हो गई. शनिवार को उनका पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया.

इस घटना ने उस दिन को मातम में बदल दिया, जो खुशी का दिन होना चाहिए था. गांव वालों और रिश्तेदारों ने गहरा दुख व्यक्त किया. शादी का खुशी भरा माहौल अब मातम में बदल गया था.

पड़ोसी ने क्या बताया?

एक पड़ोसी ने कहा, 'यह बहुत ही अचानक हुआ, पूरा गांव सदमे में है. हम सब जश्न मना रहे थे और पल भर में हमारी खुशी दुख में बदल गई.' यह दुखद घटना इस बात की एक कड़वी याद दिलाती है कि कैसे खुशी के पल पल भर में भयानक त्रासदी में बदल सकते हैं और परिवारों तथा समुदायों को गहरे दुख में डुबो सकते हैं.