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मां ने जिस बेटे को दिला दी अपनी नौकरी, उसी ने घर से निकाला, पेड़ के नीचे गई जान

तारा देवी के दो बेटे है. बडे का नाम श्रवण नोनिया है. जबकि छोटे पुत्र योगेश चौहान हैं. श्रवण सेक्टर तीन में रहता है, जबकि वह बीसीसीएल मोदीडीह कोलियरी में कार्यरत है. पारिवारिक विवाद के चलते लगभग एक साल से तारा देवी तेतुलमारी सुभाष चौक के पास एक होटल के चबूतरे पर रह रहने को मजबूर थीं. उसे पेंशन मिलता था, जिससे अपना जीवन चलाती थी.

Gyanendra Sharma
मां ने जिस बेटे को दिला दी अपनी नौकरी, उसी ने घर से निकाला, पेड़ के नीचे गई जान
Courtesy: Social Media

झारखंड के धनबाद में एक बेटे ने अपनी मां को घर निकाल दिया. मां घर से निकाले जाने के बाद एक पेड़ के नीचे रहती थी. सोमवार को उनकी मौत हो गई. दरअसल मां ने अपनी नौकरी अपने बेटे श्रवण नोनिया दे दिया था. जानकारी के मुताबिक तेतुलमारी सुभाष चौक के पास एक पेड़ के नीचे तारा देवी की मौत हो गई. वे पिछले एक साल से यहीं रह रही थीं. वह 65 साल की थी.

गांव के लोगों का कहना है कि मां ने बीएसएल से वीआरएस लेकर खुद की अपनी नौकरी बेटे को दे दी थी. उनते पति के काफी पहले मौत हो गई थी. पति की मौत के बाद उन्हें बीसीएल में नौकरी मिली. लेकिन रिटायर होने से पहले ही वह बीआरएस लेकर वह अपनी नौकरी अपने बड़े बेटे श्रवण नोनिया को दिला दी. मां ने सोच होगा कि बेटा बुढ़ापे का सहारा बनेगा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. 

तारा देवी के दो बेटे है. बडे का नाम श्रवण नोनिया है. जबकि छोटे पुत्र योगेश चौहान हैं. श्रवण  सेक्टर तीन में रहता है, जबकि वह बीसीसीएल मोदीडीह कोलियरी में कार्यरत है. पारिवारिक विवाद के‚ चलते लगभग एक साल से तारा देवी तेतुलमारी सुभाष चौक के पास एक होटल के चबूतरे पर रह रहने को मजबूर थीं. उसे पेंशन मिलता था, जिससे अपना जीवन चलाती थी. 


पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है और इसकी पड़ताल कर रही है. तेतुलमारी थानेदार सत्येंद्र यादव ने कहा कि सूचना पाकर मामले की जांच पड़ताल की. मृतका ईस्ट बसुरिया निवासी बीसीसीएल कर्मी श्रवण नोनिया की मां थी. हम उस इसे गंभीरता से ले रहे हैं.