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Jharkhand Power Tariffs: झारखंड में मई का बिजली बिल देगा बड़ा झटका, अब प्रति यूनिट देने होंगे इतने रुपये

Jharkhand Power Tariffs: 30 अप्रैल को बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग (JSERC) ने बिजली दरों में 6.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है. यह नई दरें 1 मई, 2025 से पूरे राज्य में प्रभावी होंगी.

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Edited By: Babli Rautela
Jharkhand Power Tariffs: झारखंड में मई का बिजली बिल देगा बड़ा झटका, अब प्रति यूनिट देने होंगे इतने रुपये
Courtesy: Social Media

Jharkhand Power Tariffs: झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग (JSERC) ने बुधवार, 30 अप्रैल को बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए बिजली दरों में 6.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है. यह नई दरें 1 मई, 2025 से पूरे राज्य में प्रभावी होंगी. संशोधित दरों के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं को अब ₹6.30 की बजाय ₹6.70 प्रति यूनिट देना होगा, जबकि शहरी क्षेत्रों में ये कीमतें ₹6.65 से बढ़कर ₹6.85 प्रति यूनिट हो जाएंगी.  

JSERC के सदस्य महेंद्र प्रसाद ने खबरों को सही बताते हुए कहा कि, 'ग्रामीण टैरिफ में ₹0.40 और शहरी टैरिफ में ₹0.20 प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है. नई दरें 1 मई से लागू हो जाएंगी.'

मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी रहेंगे सुरक्षित

इस दर वृद्धि का असर राज्य सरकार की मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों पर नहीं पड़ेगा. जिन उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है, उन्हें किसी भी अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता नहीं होगी. एक अधिकारी के अनुसार, झारखंड के लगभग 46 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 40 लाख उपभोक्ता इस योजना के अंतर्गत आते हैं. गौरतलब है कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली दरों में 40.02% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था. लेकिन JSERC ने मूल्यांकन के बाद केवल 6.34% वृद्धि को मंजूरी दी.

नई दरें कुछ इस प्रकार होंगी:  
ग्रामीण उपभोक्ता: ₹6.30 → ₹6.70 प्रति यूनिट  
शहरी उपभोक्ता: ₹6.65 → ₹6.85 प्रति यूनिट  

उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

जिन परिवारों की मासिक खपत 200 यूनिट से ज्यादा है, उन्हें यह बढ़ोतरी सीधे प्रभावित करेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली महंगी होने से वहां के उपभोक्ताओं पर तुलनात्मक रूप से अधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा. वाणिज्यिक और औद्योगिक दरों में संभावित वृद्धि पर फिलहाल कोई स्पष्टता नहीं है. JSERC का यह फैसला राज्य के लाखों उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा, खासकर उन परिवारों को जो सब्सिडी की सीमा से बाहर हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि राज्य सरकार की मुफ्त बिजली योजना अभी भी प्रभावी रहेगी और अधिकांश परिवारों को इससे सीधा फायदा मिलेगा.