पहले चाकू से गोदा फिर झाड़ियों में फेंका शव, सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस ने किए चौंकाने वाले खुलासे

सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार कर लिया है. सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

Anuj

रांची: अरगोड़ा थाना क्षेत्र में करीब एक साल पहले हुए एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है. इस मामले में पुलिस ने न केवल मृतक की पहचान कर ली है, बल्कि हत्या में शामिल चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है. सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मृतक का साला बिनोद उरांव, उसकी पत्नी राजमुनी देवी और उनके दो सहयोगी अमरदीप खलखो तथा अनूप उरांव शामिल हैं. यह हत्या 10 फरवरी 2025 को हुई थी. उस दिन अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर गेट नंबर-1 के पीछे रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था. शव की पहचान नहीं होने के कारण मामला ब्लाइंड मर्डर के रूप में दर्ज किया गया था.

7 जनवरी को मिली बड़ी सफलता

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया. डीएसपी हटिया की निगरानी में टीम ने तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर गहन जांच की. लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को 7 जनवरी को बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने पहले मृतक की पहचान की और फिर हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

चाकू मारकर की हत्या

मृतक की पहचान संजय उरांव के रूप में हुई है. वह ग्राम जमटी, थाना बिशनपुर, जिला गुमला का रहने वाला था और उसके पिता का नाम अकला उरांव है. पुलिस पूछताछ में सामने आया कि संजय उरांव का अपने साले की पत्नी के साथ कथित संबंध को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. इसी बात को लेकर ससुराल पक्ष में नाराजगी बनी हुई थी. पुलिस के अनुसार, इसी रंजिश के चलते बिनोद उरांव ने अपनी पत्नी राजमुनी देवी की सहमति से संजय की हत्या की योजना बनाई. इसके बाद बिनोद ने अपने दो साथियों अमरदीप खलखो और अनूप उरांव के साथ मिलकर संजय पर चाकू से हमला किया और उसकी हत्या कर दी.

आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी

हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने के इरादे से शव को अशोक नगर गेट नंबर-01 के पीछे रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, ताकि मृतक की पहचान न हो सके. हालांकि, पुलिस की सतर्कता और लगातार जांच के चलते आखिरकार पूरा मामला सामने आ गया. फिलहाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.