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'प्रधान पर मुखर, सोरेन पर चुप्पी', पेपर लीक पर विपक्ष के दोहरे रवैये पर उठ रहे सवाल

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्र सड़कों पर हैं. वहीं विपक्ष के दोहरे रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि पेपर लीक के मुद्दे पर आवाज अलग-अलग क्यों दिखती है.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
'प्रधान पर मुखर, सोरेन पर चुप्पी', पेपर लीक पर विपक्ष के दोहरे रवैये पर उठ रहे सवाल
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भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर झारखंड में युवाओं का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. छात्र परीक्षा रद्द करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. इस बीच पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है.

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सड़कों पर युवा

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र-युवा लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधानी रांची में अभ्यर्थी बापू की प्रतिमा के नीचे बैठकर सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि बार-बार होने वाली धांधली से उनका सिस्टम पर भरोसा कमजोर हो गया है. उनका आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी रही है. अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि विवादित परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से कराया जाए.

14वीं सिविल सेवा परीक्षा पर उठे गंभीर सवाल

झारखंड में सबसे ज्यादा विवाद 14वीं कंबाइंड सिविल सर्विसेज परीक्षा के प्रीलिम्स रिजल्ट को लेकर है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर इस मामले की जांच CID कर रही है. अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ जारी करने के तरीके, मेरिट लिस्ट में संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने और OMR शीट में गड़बड़ी जैसे आरोप लगाए हैं. इसके अलावा परीक्षा कराने वाली लखनऊ की TDPL कंपनी को लेकर भी सवाल उठे हैं. आरोप है कि कंपनी को ठेका देने से पहले उसकी स्थिति की जांच ठीक से नहीं की गई. इस मामले में CID अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के आवास पर भी छापेमारी की गई है.

पेपर लीक पर विपक्ष की भूमिका पर सवाल

झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच विपक्षी दलों की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि जब बीजेपी शासित राज्यों में पेपर लीक या भर्ती घोटाले सामने आते हैं तो विपक्ष बड़े स्तर पर विरोध करता है लेकिन विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों में यही मुद्दा उतनी मजबूती से नहीं उठाया जाता. दिल्ली में कांग्रेस नेता पेपर लीक के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं. वहीं झारखंड में उनकी गठबंधन सरकार पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं. बीजेपी सहित अन्य विपक्षी दल राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं.