रांची में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित का दावा है कि न तो उसने कोई OTP साझा किया और न ही बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी को दी. इसके बावजूद उसके खाते से 50 हजार रुपये की अवैध निकासी हो गई. मामले की शिकायत रांची साइबर थाना में दर्ज कराई गई है और पुलिस अब लेनदेन के तरीके की तकनीकी जांच कर रही है.
कृष्ण कुमार ने शुक्रवार को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई. उनके मुताबिक, मोबाइल पर किसी तरह का OTP नहीं आया था और उन्होंने किसी व्यक्ति के साथ बैंक खाते या अन्य संवेदनशील जानकारी भी साझा नहीं की थी. खाते से रकम निकलने के बाद उन्होंने बैंक से लेनदेन की जानकारी ली.
जांच में पता चला कि निकाली गई रकम कल्याण ज्वेलर्स के खाते में गई थी. कृष्ण कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वहां से कोई खरीदारी नहीं की थी. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम खाते से किस माध्यम के जरिए निकाली गई. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लेनदेन किस डिवाइस या तकनीकी माध्यम से हुआ और रकम कल्याण ज्वेलर्स के खाते में किस व्यक्ति ने भेजी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधी लगातार ठगी के तरीके बदल रहे हैं.
पहले बैंक अधिकारी बनकर OTP, ATM PIN, CVV या अन्य जानकारी हासिल करने के मामले सामने आते थे. अब ऐसे मामलों की भी शिकायत मिल रही है, जिनमें पीड़ित को OTP मिलने या जानकारी साझा करने की जानकारी नहीं होती. ऐसे मामलों में पुलिस लेनदेन का तकनीकी विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश करती है कि रकम किस माध्यम से ट्रांसफर हुई.
साइबर अपराधी बिजली बिल के नाम पर भी लोगों को निशाना बना रहे हैं. बिजली बिल बकाया होने, कनेक्शन काटे जाने या तत्काल भुगतान करने का झांसा देकर मोबाइल पर APK फाइल भेजी जा सकती है. ऐसी फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने पर मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच का खतरा रहता है. इसके बाद बैंकिंग ऐप या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का दुरुपयोग कर आर्थिक नुकसान किया जा सकता है.
पुलिस ने लोगों से अनजान नंबरों से भेजी गई APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने की अपील की है. बिजली बिल से जुड़ी किसी भी जानकारी की पुष्टि संबंधित बिजली कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही करने की सलाह दी गई है.
बैंक खाते से जुड़ा OTP, ATM PIN, CVV, पासवर्ड और UPI PIN किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए. अनजान नंबर से आए लिंक, QR कोड या APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचें. KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने, बिजली कनेक्शन काटने या इनाम मिलने जैसे संदेशों में दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें. अगर मोबाइल में कोई संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो जाए तो उसे हटाने के साथ बैंक को इसकी जानकारी दें.
खाते में अनधिकृत लेनदेन दिखाई देने पर तुरंत बैंक से संपर्क कर संबंधित कार्ड, खाते या सेवा को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू करें. साइबर ठगी होने पर बिना देरी 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें और साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराएं.