झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. अपनी मांगों को लेकर छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं और उनका कहना है कि लंबे समय से न्याय नहीं मिलने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि मामले में एक वर्ष से सुनवाई की तारीख तय नहीं हो पा रही है, जिससे अभ्यर्थियों में भारी निराशा फैल रही है.
आंदोलन में शामिल एक छात्र ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए भावुक टिप्पणी की. छात्र ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े इतने गंभीर मामले में अदालत की चुप्पी उन्हें पीड़ा दे रही है. उसने यह भी कहा कि यदि अन्य महत्वपूर्ण मामलों में अदालत तत्काल सुनवाई कर सकती है, तो छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में भी संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए. छात्र ने अदालत से स्वतः संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई शुरू करने की मांग की.
छात्र ने सु्प्रीम कोर्ट की भूमिका पर सवाल करते हुए कहा कि माननीय अदालत से मेरा निवेदन है कि आप महामहीम भीष्म और गुरु द्रोण की तरह मूकदर्शक बनना छोड़ दीजिए. एक संवैधानिक संस्था का चीरहण हो गया है, ऐसे में आपकी खामोशी हमें चुभ रही है. आप अफजल गुरु के लिए रात में तीन बजे सुप्रीम कोर्ट खोल सकते हैं. छात्र ने आगे कहा कि कुत्तों के लिए भी सुप्रीम कोर्ट खुल जाता है तो क्या हमें भी कुत्ता बनान पड़ेगा?
छात्रों का कहना है कि उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास की, मुख्य परीक्षा दी और कई अभ्यर्थी दो-दो बार इंटरव्यू तक पहुंच चुके हैं. इसके बावजूद मामले का अंतिम समाधान नहीं हो पाया है. प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि यदि अभ्यर्थी गलत पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन सुनवाई में लगातार देरी होना छात्रों की गलती नहीं है. उन्होंने मांग की कि अदालत इस मामले को प्राथमिकता देकर निश्चित समय सीमा में सुनवाई पूरी करे.
प्रदर्शन स्थल पर फिलहाल चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और इसका उद्देश्य केवल न्याय प्राप्त करना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता का नैतिक समर्थन स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन आंदोलन के मंच पर केवल वे छात्र रहेंगे जिन्होंने वास्तव में मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया में भाग लिया है.
इस बीच झारखंड सरकार की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से बातचीत करने पहुंचा है. हालांकि, देर शाम तक किसी ठोस समाधान की घोषणा नहीं हो सकी थी. छात्रों ने कहा है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक अनशन और आंदोलन जारी रहेगा. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और न्यायपालिका इस विवाद को सुलझाने के लिए आगे क्या कदम उठाती हैं और लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को कब राहत मिलती है.