झारखंडः कांग्रेस में अंदरूनी कलह की अटकलों चल रही थी. इसी बीच बुधवार को नई दिल्ली में एक बड़ी बैठक आयेाजित की गई. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन को मजबूत करने और सरकार के कामकाज पर झारखंड यूनिट के सीनियर नेताओं के साथ विस्तार से चर्चा की. बताया जा रहा है कि कुछ विधायकों की नाराजगी बढ़ती जा रही थी. इसी बीच पार्टी के सीनीयर नेताओं का यह कदम उन अटकलों को खत्म करने का काम करता है. झारखंड के नेताओं के साथ हुई इस बैठक में प्रभारी के. राजू, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और कुछ अन्य नेता शामिल थे.
केशव महतो कमलेश ने कहा कि आज उनकी बहुत महत्वपूर्ण और सकारात्मक बैठक हुई. उन्होंने पार्टी के अंदरूनी कलह और विधायकों की नाराजगी की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि गठबंधन में न तो कोई विधायक और न ही कोई मंत्री नाखुश है. सभी एकजुट होकर काम कर रहे हैं. संगठन और सरकार के बीच बेहतरीन तालमेल से राज्य में सकारात्मक नतीजे मिल रहे हैं.
केशव महतो कमलेश ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा बनाए गए पेसा नियम अब तक के सबसे अच्छे हैं. उन्होंने कहा कि इन्हें तैयार करते समय झारखंड की पारंपरिक व्यवस्था, रीति-रिवाजों और पारंपरिक कानूनों का विशेष ध्यान रखा गया. केशव महतो कमलेश ने बताया कि इन नियमों को अंतिम रूप देने से पहले, कांग्रेस और गठबंधन सरकार ने बड़े पैमाने पर लोगों से सलाह-मशविरा किया.
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर खुद कोल्हान के दूरदराज के इलाकों में गए. वहां उन्होंने मुंडा-मानकी और अन्य पारंपरिक प्रमुखों से मिलकर उनकी राय जानी. इन सुझावों के आधार पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने इसे पेश किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे कैबिनेट से पास करवाया. सरकार अपनी गारंटी और वादे पूरे कर रही है. झारखंड में होने वाले SIR के संबंध में पार्टी ने ग्राम पंचायत कमेटियां, वार्ड कमेटियां और बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए हैं.