झारखंडः शुक्रवार को लोहरदगा-भंडरा-बेरो NH 143AG तीन घंटे तक जाम रहा. ग्रामीणों ने दाह संस्कार और रास्ते के विवाद को लेकर सड़क जाम कर दी थी. हिंदू और आदिवासी समुदायों के बीच विवाद बढ़ गया. विवाद बढ़ता देख DC, SP और SDO मौके पर पहुंचे. उनके दखल के बाद स्थिति शांत हुई और आखिरकार दाह संस्कार किया गया. वहीं विवाद का स्थायी समाधान खोजने के लिए शनिवार को दोनों गांवों के बीच तोडर पंचायत भवन में शांति समिति की बैठक होगी. SP सादिक अनवर रिजवी ने कहा कि मामला अस्थायी रूप से सुलझ गया है.
समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए ग्रामीणों के साथ बैठक की जाएगी. फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है. बताया जा रहा है कि सेन्हा थाना क्षेत्र के सेरेंघाटू तोडर की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला पुनिया देवी की मौत के बाद, उनके रिश्तेदार और ग्रामीण दाह संस्कार के लिए पुल के पास कोयल नदी के किनारे पहुंचे थे. इससे सेरेंघाटू के आदिवासी समुदाय के लोग नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि वे शव को अपने इलाके से नहीं ले जाने देंगे. इससे दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया.
हिंदू समुदाय के लोगों ने शव के साथ सिठियो पुल मंदिर के पास लोहरदगा-भंडरा-बेरो मुख्य सड़क को जाम कर दिया. इससे लोहरदगा-भंडरा-बेरो मुख्य सड़क जाम हो गई. सूचना मिलने पर उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद, SP सादिक अनवर रिजवी, SDO अमित कुमार, किस्को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वेदांत शंकर, DSP समीर तिर्की और सुधीर प्रसाद साहू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन एक समुदाय अपनी मांगों पर अड़ा रहा.
बिहार के वैशाली जिले में श्मशान तक जाने वाले रास्ता का अतिक्रमण होने की वजह से महादलित परिवार को आगे बढ़ने से रोक दिया गया. काफी देर तक मिन्नतें करने और विवाद के बावजूद जब रास्ता नहीं मिला तो 91 वर्षीय महादलित महिला को अंतिम संस्कार श्मशान घाट की बजाय बीच सड़क पर ही करना पड़ा.
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की बहुत कोशिश की. उसके बाद स्थिति शांत हुई और दाह संस्कार किया गया. सेरेंघाटू के आदिवासी समुदाय ने कहा कि वे शव को अपने इलाके से श्मशान घाट तक नहीं ले जाने देंगे. इससे स्थिति बिगड़ गई और दोनों समुदायों के बीच विवाद हो गया. उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने दखल देकर दोनों समुदायों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत किया. डीसी डॉ. ताराचंद ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की.