कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आने के आसार हैं. भाजपा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि चार मई के बाद राज्य का मुख्यमंत्री बदल सकता है. बोम्मई के इस बयान ने कांग्रेस शिविर में हलचल मचा दी है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि सिद्धारमैया की कुर्सी पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं. वहीं खरगे ने फिलहाल इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है.
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बसवराज बोम्मई ने कहा कि कर्नाटक की राजनीति में चार मई के बाद बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा, “खरगे ने पहले मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की थी. चार मई के बाद यह साफ नहीं है कि सिद्धारमैया अपनी कुर्सी पर बने रहेंगे या नहीं. हम भी कुछ बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं.” बोम्मई ने यह भी दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के अभिमानोत्सव कार्यक्रम के जरिए भाजपा पूरे राज्य में एक कड़ा संदेश देगी. उनके मुताबिक इस कार्यक्रम में करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जो भाजपा के राज्य में वापसी के संकेत देगा.
बोम्मई ने हाल ही में बेंगलुरु में हुई भारी बारिश और उससे हुए नुकसान को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, “समझ नहीं आता कि राज्य में कांग्रेस सरकार काम कर रही है या नहीं. मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद सरकार ने कोई तैयारी नहीं की. जनता के लिए यह सरकार पूरी तरह निष्क्रिय साबित हुई है.” पूर्व सीएम ने दावा किया कि कर्नाटक में बदलाव की लहर है और एक बड़ा राजनीतिक बदलाव बिल्कुल करीब है. उनके इन बयानों के बाद कांग्रेस के मंत्रियों में बेचैनी बढ़ गई है. हालांकि पार्टी हाईकमान अब तक चुप्पी साधे हुए है.
फिलहाल कोई बदलाव नहीं: खरगे
वहीं दूसरी ओर, एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार सुबह सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कहा कि निकट भविष्य में कर्नाटक का मुख्यमंत्री नहीं बदलेगा. उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री बदलने का कोई सवाल ही नहीं है. सिद्धारमैया अपने पद पर बने रहेंगे. नेतृत्व पर किसी भी निर्णय के लिए राहुल गांधी और सोनिया गांधी सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा आवश्यक है.” खरगे ने खुद के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं को मीडिया की उपज करार देते हुए कहा कि वे केवल पार्टी की विचारधारा पर काम करते हैं और अंतिम फैसला सोनिया गांधी लेंगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल यह सवाल ही नहीं उठता क्योंकि राज्य में पहले से ही मुख्यमंत्री मौजूद हैं.
हालांकि बोम्मई अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने सिद्धारमैया के भविष्य पर सवाल उठाए हों. पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस के अपने कई नेता भी सार्वजनिक रूप से खरगे को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर चुके हैं. बीजेपी इसी अंदरूनी कलह को भुनाने की कोशिश में जुटी हुई है. बोम्मई ने कहा, “जब कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता खरगे को सीएम बनाने की बात कर रहे हैं, तो यह साफ है कि सिद्धारमैया के नेतृत्व में सब खुश नहीं हैं. चार मई के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी.”