झारखंड के देवघर जिले में ATS और स्थानीय पुलिस की सूझबूझ से एक बड़ी सफलता मिली है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. जिनके पास से दो पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. इनमें से एक पिस्तौल मेड इन अमेरिका है. जिसके कारण यह मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई शुक्रवार को टाउन थाना क्षेत्र में हुई. गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ इलाके में सक्रिय हैं. इस पर एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर त्वरित छापा मारा और तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.
देवघर के पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से बरामद हथियारों में एक विदेशी मूल की पिस्तौल शामिल है. यह खुलासा क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को बढ़ा रहा है. एटीएस के एसपी राजकुमार मेहता ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की और कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय थे. गिरफ्तार तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है. इनमें से दो देवघर के स्थानीय निवासी हैं, जबकि एक बिहार के मुंगेर जिले से जुड़ा हुआ है.
पुलिस जांच के अनुसार, इनके खिलाफ मुंगेर, जमुई, देवघर और दुमका समेत विभिन्न जिलों में हत्या, फिरौती और अन्य गंभीर अपराधों से संबंधित मामले दर्ज हैं. आरोपियों की पहचान अजित कुमार पांडे उर्फ अजित कुमार मिश्रा, पंकज कुमार सिंह और सोनू कुमार सिंह के रूप में हुई है. इनमें अजित पर पांच और पंकज पर चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या और जबरन वसूली जैसे आरोप शामिल हैं.
पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है. अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ टिप ऑफ द आइसबर्ग हो सकता है और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला में कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं. एटीएस और देवघर पुलिस की टीम बिहार के मुंगेर और जमुई क्षेत्रों में भी संपर्क साध रही है ताकि सप्लायर्स को चिन्हित किया जा सके. फिलहाल तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस जल्द ही उन्हें रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करने की योजना बना रही है.