झारखंड के संताल परगना प्रमंडल में पेयजल योजनाओं को तेजी से पूरा करने की तैयारी शुरू हो गई है. गुरुवार को देवघर में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने प्रमंडल के छह जिलों में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की समीक्षा की.
बैठक में देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, जामताड़ा और पाकुड़ में चल रही पेयजल योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई. सचिव ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए.
समीक्षा बैठक में पेयजल योजनाओं के काम में किसी भी तरह की लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए गए. विभागीय सचिव अबु इमरान ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने और जहां भी काम में समस्या आ रही है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उसका समाधान करने को कहा गया.
जल जीवन मिशन के तहत पूरी हो चुकी योजनाओं के लिए हर घर जल सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है. सचिव ने दो अक्टूबर को जल अर्पण दिवस के रूप में मनाने की बात भी कही. इसका उद्देश्य पूरी हो चुकी पेयजल योजनाओं को आगे बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक जल उपलब्ध कराने से जुड़े कार्यों को गति देना है. विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में जरूरी प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए.
जल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए. सचिव ने इंटेकवेल के आसपास किसी भी तरह के खनन और बालू उठाव पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा. पेयजल योजनाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले जल स्रोतों की सुरक्षा को जरूरी बताते हुए अधिकारियों को इस संबंध में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए. इसका उद्देश्य जल स्रोतों को सुरक्षित रखना और पेयजल योजनाओं की निरंतरता बनाए रखना है.